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30 SEP 2026 · उत्तर प्रदेश

यूपी में दिव्यांगजनों की पेंशन फिर बढ़ाएगी योगी सरकार, सभी 18 मंडलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र

गोरखपुर, 30 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन को मिलने वाली पेंशन की राशि में जल्द ही एक बार फिर बढ़ोतरी की जाएगी। फिलहाल दिव्यांगजनों को 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 509 दिव्यांग लाभार्थियों को कुल 664 सहायक उपकरण वितरित किए।

509 दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण

कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ई-ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल, स्मार्टफोन, स्मार्ट केन, ब्रेल किट और हियरिंग एड समेत विभिन्न प्रकार के उपकरण दिए गए।

वितरण में 127 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 25 को ई-ट्राइसाइकिल और 70 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल दी गई। इसके अलावा 155 लाभार्थियों को 319 स्मार्ट केन एवं ब्रेल किट, 90 को हियरिंग एड और 5 को स्मार्टफोन दिए गए।

एक लाभार्थी को ब्रेल लिपि की गीता और एक को ब्रेल लिपि की रामचरितमानस भी प्रदान की गई। इसके अलावा 10 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, 20 को वयोश्री योजना का लाभ और 5 दिव्यांग विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। कार्यक्रम में वितरित उपकरणों की कुल संख्या 664 रही।

300 रुपये से 1,000 रुपये तक पहुंची पेंशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजन पेंशन की राशि पहले 300 रुपये प्रतिमाह थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर पहले 500 रुपये और बाद में 1,000 रुपये किया। अब इसमें एक बार फिर बढ़ोतरी की जाएगी।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि बढ़ोतरी के बाद दिव्यांगजनों को कितनी मासिक पेंशन मिलेगी। नई राशि की घोषणा बाद में की जाएगी।

18 मंडलों में स्थापित होंगे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में ऐसा केंद्र शुरू हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को शुरुआती स्तर पर जांच, थेरेपी, विशेष शिक्षा, प्रशिक्षण और आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर आयोजित कर उन दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जो अभी पेंशन या अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को डिजिटल पहचान

मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।

उन्होंने दिव्यांगजनों को मुख्यमंत्री युवा, पीएम स्वनिधि, एक जिला एक उत्पाद (ODOP), पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंड-अप जैसी योजनाओं से जोड़ने की बात कही।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार कॉक्लियर इंप्लांट के लिए छह लाख रुपये तक की सहायता और स्पीच थेरेपी में भी सहयोग उपलब्ध करा रही है।

'प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए'

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक चुनौती किसी व्यक्ति की प्रतिभा के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बन सकती। उनके अनुसार, दिव्यांगजनों को दया की बजाय अवसर, उचित साधन और प्रशिक्षण की जरूरत है।

उन्होंने अष्टावक्र, सूरदास, रवींद्र जैन और अरुणिमा सिन्हा सहित कई उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही अवसर मिलने पर दिव्यांगजन अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने पैरालंपिक खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

शिक्षा को बताया सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण में शिक्षा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं।

इनमें लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय शामिल हैं।

उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए बचपन से ही पहचान, उपचार, थेरेपी और विशेष शिक्षा की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी गिनाईं योजनाएं

कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट 2,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने दिव्यांग बच्चियों के लिए ई-स्कूटी योजना और बचपन डे केयर सेंटरों का भी उल्लेख किया।

उनके मुताबिक, प्रदेश में वर्तमान में 55 बचपन डे केयर सेंटर संचालित हैं और 28 नए केंद्र खोले जाने की योजना है।

सरकार का जोर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने पर

गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

पेंशन में प्रस्तावित अगली बढ़ोतरी के बाद दिव्यांगजन पेंशन की नई राशि कितनी होगी, इसका इंतजार अब लाभार्थियों को है। फिलहाल सरकार की ओर से मौजूदा पेंशन 1,000 रुपये प्रतिमाह है और मुख्यमंत्री ने इसमें जल्द फिर वृद्धि किए जाने की घोषणा की है।