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29 SEP 2026 · उत्तर प्रदेश

सीएम योगी बोले- सनातन भारत का मूल धर्म, इसके बिना राष्ट्र की कल्पना नहीं

गोरखपुर, 29 सितंबर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सनातन भारत का मूल धर्म है और इसके बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राचीन काल से ही सुसभ्य, सुसंस्कृत और सुदृढ़ परंपरा रही है, लेकिन कमी यह रही कि लोगों ने अपनी परंपरा और विरासत को स्वयं ही विस्मृत कर दिया।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र में बोल रहे थे।

दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण करने और व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने उत्तर प्रदेश की सनातन धर्मनगरियों के मर्म को नहीं पहचाना, वे उत्तर प्रदेश और भारत को पूरी तरह नहीं समझ पाएंगे।

उन्होंने कहा कि अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और कुंभनगरी प्रयागराज की सामाजिक समरसता उत्तर प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक चेतना को समझने के महत्वपूर्ण आधार हैं।

गोमाता को सनातन परंपरा की पहचान बताया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सनातन धर्म में गोमाता की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोमाता सनातन परंपरा की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में भोजन का पहला ग्रास गोमाता के लिए रखने की परंपरा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक सनातनी इस परंपरा का पालन करता तो गोमाता आज सड़कों पर निराश्रित अवस्था में नहीं घूमतीं। उन्होंने इसी संदर्भ में श्वान के लिए अंतिम ग्रास की परंपरा का भी उल्लेख किया और कहा कि ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित इन परंपराओं का अनुसरण करने की आवश्यकता है।

'धरती माता को बचाना है तो गोमाता को भी बचाना होगा'

सीएम योगी ने कहा कि धरती माता का एक नाम गोमाता भी है। इसलिए पर्यावरण और धरती के संरक्षण की बात करते समय गोवंश के संरक्षण को भी महत्व देना होगा।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 7,000 से अधिक गोशालाओं के माध्यम से 16 लाख से अधिक गोवंश का लालन-पालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है, लेकिन इसमें नागरिकों की भी भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश को रखने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण-पोषण की व्यवस्था से जुड़ी सहायता भी दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से गोशालाओं के संचालन में भागीदार बनने और गोवंश को गोद लेने का आह्वान किया।

प्राकृतिक खेती को बताया समाधान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रासायनिक उर्वरकों और कृषि में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न में रासायनिक तत्वों के बढ़ते इस्तेमाल का असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

उन्होंने भारतीय नस्ल की गाय और गोबर आधारित प्राकृतिक खेती को इसका समाधान बताते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न के इस्तेमाल से कैंसर, किडनी और लीवर की खराबी तथा डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचाव हो सकता है।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने इन बीमारियों के संदर्भ में प्राकृतिक खेती और गोवंश आधारित कृषि को समाधान बताते हुए अपने विचार व्यक्त किए। इन दावों को चिकित्सा संबंधी स्थापित वैज्ञानिक प्रमाणों के संदर्भ में अलग से देखा जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार की सुविधा के अलावा गरीबों की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उनके विवेकाधीन कोष से 1,400 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं।

कथा व्यास स्वामी राजेंद्र दास की सराहना

मुख्यमंत्री ने वृंदावन से आए कथा व्यास एवं मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास द्वाराचार्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वामी राजेंद्रदास ने सरल और सहज तरीके से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कथा के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण आपदा ने जनजीवन को प्रभावित किया, लेकिन गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ की पावन भूमि पर कथा श्रद्धाभाव के साथ अनवरत चलती रही।

उन्होंने इसे भारत की उस परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि आपदाओं और कठिन परिस्थितियों के बीच भी धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का निरंतर जारी रहना भारतीय जीवन-पद्धति की विशेषता है।

संतों और श्रद्धालुओं ने की भागीदारी

श्रीमद्भागवत कथा के विराम सत्र के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संतजनों और यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण एवं व्यासपीठ की आरती उतारी।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर रोहतक, हरियाणा के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, वाराणसी से आए डॉ. रामकमल दास वेदांती, अयोध्या से आए स्वामी रामदिनेशाचार्य, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ और कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत अनेक साधु-संत, यजमानगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।