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6 OCT 2026 · उत्तर प्रदेश

पीएम आवास योजना-शहरी में यूपी का शानदार प्रदर्शन, दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

लखनऊ/नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर दो महत्वपूर्ण पुरस्कार मिले हैं। विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रदेश को पीएम आवास योजना-शहरी के तहत आवास निर्माण और पीएमएवाई-यू 2.0 में आवासों की ग्राउंडिंग के लिए सम्मानित किया गया।

यूपी में पीएम आवास योजना

उत्तर प्रदेश को यह सम्मान केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से दिया गया। प्रदेश की ओर से राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक महेंद्र बहादुर सिंह ने दोनों पुरस्कार प्राप्त किए।

आवास निर्माण में यूपी को मिला पहला स्थान

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के लाभार्थी आधारित आवास निर्माण यानी बीएलसी (Beneficiary Led Construction) श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने स्वीकृत आवासों के मुकाबले सबसे अधिक आवास पूरे किए हैं।

इसी प्रदर्शन के आधार पर उत्तर प्रदेश को देश के राज्यों में प्रथम स्थान प्रदान किया गया। योजना के इस घटक का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को अपने भूखंड पर पक्का मकान बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराना है।

प्रदेश में बड़ी संख्या में स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा होना योजना के जमीनी क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर सामने आया है।

पीएमएवाई-यू 2.0 में ग्राउंडिंग के मामले में तीसरा स्थान

उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।

पीएमएवाई-यू 2.0 में स्वीकृत आवासों के मुकाबले निर्माण कार्य शुरू कराने यानी ग्राउंडिंग के प्रतिशत के आधार पर उत्तर प्रदेश को तीसरा स्थान मिला है।

ग्राउंडिंग का अर्थ स्वीकृत आवासों में निर्माण प्रक्रिया का धरातल पर शुरू होना है। इस श्रेणी में प्रदेश का प्रदर्शन योजना के क्रियान्वयन की गति को दर्शाता है।

विज्ञान भवन में हुआ राष्ट्रीय सम्मान समारोह

विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर 5 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने उत्तर प्रदेश को दोनों पुरस्कार प्रदान किए।

समारोह में केंद्रीय शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह, डी. तारा और संयुक्त सचिव कुमार रविकांत सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश की ओर से सूडा के निदेशक महेंद्र बहादुर सिंह ने पुरस्कार ग्रहण किए। उनके साथ वित्त नियंत्रक रजनीकांत वर्मा और कार्यक्रम अधिकारी अतुल सिंह चौहान भी समारोह में उपस्थित रहे।

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शहरी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन को मिली पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, इन पुरस्कारों से प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। खास तौर पर आवासों को स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें पूरा कराने और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में प्रदेश के प्रदर्शन को इन पुरस्कारों में महत्व मिला है।

राज्य सरकार की ओर से इसे जरूरतमंद शहरी परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की उपलब्धि बताया गया है।

क्या है पीएम आवास योजना-शहरी?

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने में सहायता देना है। इसके तहत अलग-अलग घटकों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण या आवास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

पीएमएवाई-यू 2.0 इसी दिशा में आगे बढ़ाया गया कार्यक्रम है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों तक आवास सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

यूपी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?

दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से उत्तर प्रदेश के शहरी आवास कार्यक्रम के दो अलग-अलग पहलू सामने आते हैं। एक ओर स्वीकृत आवासों को पूरा करने में प्रदेश को पहला स्थान मिला है, वहीं पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों की तुलना में निर्माण शुरू कराने के मामले में राज्य तीसरे स्थान पर रहा है।

ऐसे में यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में शहरी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया से जुड़ी है।

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Frequently asked questions

क्या है पीएम आवास योजना-शहरी?
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने में सहायता देना है। इसके तहत अलग-अलग घटकों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण या आवास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
यूपी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से उत्तर प्रदेश के शहरी आवास कार्यक्रम के दो अलग-अलग पहलू सामने आते हैं। एक ओर स्वीकृत आवासों को पूरा करने में प्रदेश को पहला स्थान मिला है, वहीं पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों की तुलना में निर्माण शुरू कराने के मामले में राज्य तीसरे स्थान पर रहा है।