यह पुल सिर्फ दो क्षेत्रों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि इसके बनने से भदोही, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर के बीच आवागमन को भी गति मिलने की उम्मीद है। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी सफर आसान होगा।
तीन दशक पुरानी मांग हुई पूरी
कोनिया क्षेत्र के लोग लंबे समय से गंगा पर पक्के पुल की मांग कर रहे थे। फिलहाल धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर गंगा पार करने के लिए लोगों को पीपा पुल या नाव पर निर्भर रहना पड़ता है।
बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पीपा पुल हटा दिया जाता है। ऐसे में नदी पार करने के लिए नाव ही विकल्प रह जाती है और स्थानीय लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। अब पक्के पुल के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
सवा लाख से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा
पुल बनने के बाद कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को सालभर गंगा पार करने की सुविधा मिल सकेगी।
इसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। पढ़ाई, इलाज, रोजगार, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में समय और परेशानी दोनों कम हो सकते हैं।
खासकर बरसात के दौरान जब नदी पार करना चुनौती बन जाता है, उस समय यह पुल स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा।
पांच जिलों के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर
सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर बनने वाला पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुल तैयार होने के बाद भदोही से प्रयागराज के मांडा क्षेत्र तक सीधा सड़क संपर्क बनेगा। इसके साथ ही आसपास के जिलों से आने-जाने वाले लोगों को भी वैकल्पिक और आसान मार्ग मिलने की उम्मीद है।
भदोही के साथ प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर को इसका लाभ मिलने की बात कही गई है। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों और कारोबारियों के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।
सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत
सीतामढ़ी स्थित सीता समाहित स्थल धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी नया पुल आवागमन आसान करेगा।
प्रयागराज की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को सीतामढ़ी तक पहुंचने के लिए बेहतर सीधा मार्ग मिल सकेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ आसपास के स्थानीय बाजार और छोटे कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
भदोही के कालीन कारोबार को मिलेगा नया रास्ता
भदोही दुनिया के प्रमुख कालीन उत्पादन और निर्यात केंद्रों में शामिल है। ऐसे में प्रयागराज की ओर बेहतर सड़क संपर्क यहां के कालीन कारोबार और माल ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि पुल बनने के बाद प्रयागराज की ओर आवागमन आसान होगा और कारोबार के लिए नए बाजारों तक पहुंच बेहतर हो सकेगी।
अंजनी कारपेट, खमरिया के पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा कि इस पुल का क्षेत्र के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब निर्माण की शुरुआत होने से लोगों में खुशी है।
त्रिवेणी रग इंडस्ट्रीज, छतमी गोपीगंज के शाश्वत पांडेय के मुताबिक बेहतर सड़क संपर्क से कालीन कारोबार को फायदा मिल सकता है और प्रयागराज की ओर व्यापारिक आवाजाही आसान होगी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासनिक समिति के पूर्व सदस्य राजेंद्र कुमार मिश्र ने भी इसे भदोही के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
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बरसात में नाव और पीपा पुल की मजबूरी होगी खत्म
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा उन ग्रामीणों को मिलेगा जो रोजाना गंगा पार करने के लिए अस्थायी साधनों पर निर्भर हैं।
पक्का पुल बनने के बाद मौसम के कारण आवागमन बाधित होने की समस्या कम होगी। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, कारोबारियों और स्थानीय परिवारों को पूरे साल बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
स्थानीय समाजसेवी सरिता गुप्ता ने कहा कि बरसात के दिनों में गंगा पार करना बड़ी समस्या बन जाता है। पक्का पुल बनने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के जरूरी काम आसान होंगे।
पुल के साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी होंगे
परियोजना के तहत केवल गंगा पर पुल का निर्माण ही नहीं किया जाएगा। इसके साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे, ताकि पुल को आसपास की सड़क व्यवस्था से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सके।
क्यों खास है यह पुल?
करीब 30 साल पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।
पुल की लंबाई 1.32 किलोमीटर होगी।
परियोजना की लागत ₹300 करोड़ से अधिक है।
भदोही और प्रयागराज के बीच सीधा सड़क संपर्क बनेगा।
कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को फायदा होगा।
बरसात में पीपा पुल और नाव पर निर्भरता कम होगी।
सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
भदोही के कालीन कारोबार को प्रयागराज की ओर बेहतर संपर्क मिलेगा।
मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों को भी सुविधा होगी।