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6 OCT 2026 · उत्तर प्रदेश

अमेठी में जल्द तैयार होगा साइबर क्राइम थाना, 3.69 करोड़ की लागत से बन रहा हाईटेक भवन; जानिए क्या होंगी सुविधाएं

अमेठी, 5 अक्टूबर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच अमेठी जिले में पुलिस की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। गौरीगंज थाना क्षेत्र के सैंठा रोड स्थित बाहापुर में बन रहा साइबर क्राइम थाने का प्रशासनिक भवन अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 3.69 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस भवन का 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

अमेठी में साइबर थाना

अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराया जा रहा है और दीपावली तक भवन तैयार होने की उम्मीद है। भवन के शुरू होने के बाद साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और मामलों की विवेचना के लिए जिले में आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

0.285 हेक्टेयर में तैयार हो रहा साइबर क्राइम थाना

बाहापुर ग्राम पंचायत में करीब 0.285 हेक्टेयर भूमि पर इस आधुनिक साइबर क्राइम थाने का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना के लिए वित्त पोषण गृह एवं गोपनीय विभाग की ओर से किया गया है, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की निर्माण इकाई अयोध्या को दी गई है।

भवन में सामान्य प्रशासनिक कार्यों के साथ साइबर अपराधों की तकनीकी जांच के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

निर्माण इकाई के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार के अनुसार, परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और बचे हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

डिजिटल फोरेंसिक लैब होगी सबसे अहम सुविधा

नए साइबर क्राइम थाने में साइबर लैब और डिजिटल फोरेंसिक कक्ष बनाया जा रहा है। यहां साइबर अपराधों में इस्तेमाल या जब्त किए गए मोबाइल फोन, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच की जा सकेगी।

डिजिटल फोरेंसिक के जरिए डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों की पड़ताल में मदद मिलने की उम्मीद है।

साइबर अपराध के मामलों में डिजिटल साक्ष्य अक्सर जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों और विवेचकों को एक ही परिसर में जरूरी तकनीकी संसाधन मिलने से जांच प्रक्रिया को गति मिल सकती है।

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साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए अलग सहायता कक्ष

भवन में साइबर अपराध के पीड़ितों की शिकायत और सहायता के लिए विशेष कक्ष भी बनाया जा रहा है। यहां ऑनलाइन ठगी या अन्य डिजिटल अपराधों का सामना करने वाले लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और आगे की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

यह व्यवस्था नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन से संबंधित मामलों में समन्वय के लिए भी उपयोगी हो सकती है।

साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा बैंक और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जल्द समन्वय भी जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है।

अधिकारियों और साइबर विशेषज्ञों के लिए अलग व्यवस्था

प्रस्तावित भवन में थाना प्रभारी, विवेचकों और साइबर विशेषज्ञों के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की बैठक और मामलों पर चर्चा के लिए सम्मेलन कक्ष की व्यवस्था भी होगी।

इससे साइबर अपराध के मामलों की जांच, रिकॉर्ड प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल डेटा की सुरक्षा के लिए सर्वर रूम

साइबर क्राइम थाने में सर्वर एवं डेटा रूम भी तैयार किया जा रहा है। यहां डिजिटल रिकॉर्ड, नेटवर्किंग सिस्टम और सीसीटीवी से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने की योजना है।

इसके अलावा संदिग्ध आरोपितों से पूछताछ के लिए अलग सुरक्षित पूछताछ कक्ष भी बनाया जा रहा है।

मोबाइल और लैपटॉप जैसे साक्ष्यों के लिए मालखाना

साइबर अपराध की जांच के दौरान जब्त होने वाले मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड रूम और मालखाने की व्यवस्था की जा रही है।

भवन में लॉकअप, पुलिस अधिकारियों के लिए आवश्यक कक्ष, कर्मचारियों के विश्राम की सुविधा और पार्किंग समेत अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।

दीपावली तक पूरा हो सकता है निर्माण

अधिकारियों के अनुसार, भवन का 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब परियोजना अंतिम चरण में है। बाकी काम को जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

निर्माण पूरा होने के बाद अमेठी में साइबर अपराध से संबंधित शिकायत दर्ज करने से लेकर डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच और विवेचना तक के लिए एक आधुनिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो सकेगा।

बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों के बीच यह नया साइबर क्राइम थाना जिले में पुलिस की तकनीकी जांच क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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