22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के प्रतिभागियों ने विभिन्न कौशल विधाओं में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। उत्तराखंड के दोनों युवाओं की सफलता ने न केवल प्रदेश बल्कि देश का भी गौरव बढ़ाया है।
दो अलग-अलग क्षेत्रों में उत्तराखंड की चमक
सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स श्रेणी में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। वहीं, पार्थ वोहरा ने औद्योगिक डिजाइन तकनीकी कौशल में शानदार प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल जीता।
दोनों प्रतिभागियों ने पहले इंडियास्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया था। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन वर्ल्डस्किल्स के लिए हुआ।
मुख्यमंत्री और कौशल विकास मंत्री ने दी बधाई
दोनों युवाओं की उपलब्धि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उन्हें बधाई दी।
उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रतिष्ठित कौशल मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनके मुताबिक, इस तरह की उपलब्धियां राज्य के अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
वर्ल्डस्किल्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
उत्तराखंड कौशल विकास समिति के परियोजना निदेशक नरेन्द्र सिंह भंडारी के अनुसार, वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता को वैश्विक स्तर पर कौशल के क्षेत्र में ओलंपिक जैसी प्रतिष्ठा प्राप्त है।
इस वर्ष प्रतियोगिता में करीब 1,400 प्रतिभागियों ने 64 अलग-अलग कौशल विधाओं में हिस्सा लिया। भारत ने प्रतियोगिता में 8 रजत पदक और 20 मेडलियन्स फॉर एक्सीलेंस हासिल किए और विश्व स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया। यह वर्ल्डस्किल्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है।
प्रशिक्षण और तैयारियों में मिला संस्थागत सहयोग
सानिया जोशी और पार्थ वोहरा की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारियों में उत्तराखंड के कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और उत्तराखंड कौशल विकास समिति ने सहयोग किया। दोनों प्रतिभागियों को प्रशिक्षण, बूट-कैंप, यात्रा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) की ओर से भी प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
उत्तराखंड के इन दोनों युवाओं की उपलब्धि यह दिखाती है कि राज्य के युवा पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ आधुनिक कौशल और तकनीकी क्षेत्रों में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं।