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3 OCT 2026 · उत्तराखंड

उत्तराखंड में विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर, CM धामी बोले- धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

टनकपुर/चम्पावत। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दी जाए।

उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन, चंपावत, दशहरा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

आदर्श चम्पावत के संकल्प से विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘आदर्श चम्पावत’ का संकल्प केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य चम्पावत की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को आधुनिक विकास से जोड़कर एक प्रभावी विकास मॉडल तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि चम्पावत की पहचान को मजबूत करने के लिए धार्मिक पर्यटन के साथ सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, टनकपुर में करीब 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी प्रस्तावित विकास दिशा का हिस्सा हैं।

मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ककराली गेट से मां पूर्णागिरि धाम की ओर करीब 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।

मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।

धार्मिक पर्यटन से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

सरकार सड़क और परिवहन सुविधाओं के साथ पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इससे चम्पावत आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाने तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

विकास के साथ विरासत की गरिमा बनाए रखने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। इसलिए विकास योजनाओं के साथ मंदिरों, धार्मिक स्थलों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी विकसित भारत के संकल्प में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, चम्पावत की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन क्षमता को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसमें विकास की गति के साथ क्षेत्र की विरासत की गरिमा भी बनी रहे।

खिलाड़ियों से किया संवाद, ‘मुख्य सेवक संवाद’ में आमजन से मिले

टनकपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर के खिलाड़ियों से भी संवाद किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और आमजन से सीधा संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

कौन-कौन रहे मौजूद?

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, दायित्वधारी मनोज कालाकोटी, दायित्वधारी हेमा जोशी, दायित्वधारी किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चम्पावत प्रकाश तिवारी, जिला अध्यक्ष महिला युवा मोर्चा दीपा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, अध्यक्ष नगर मंडल चम्पावत सुनील पुनेठा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

चम्पावत में धार्मिक पर्यटन पर क्यों है जोर?

चम्पावत उत्तराखंड के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां धार्मिक आस्था, प्राकृतिक पर्यटन और लोक संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है। मां पूर्णागिरि धाम के अलावा क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं। ऐसे में बुनियादी ढांचे और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार को पर्यटन विकास से जोड़ने पर स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना है।

मुख्यमंत्री धामी ने इसी संदर्भ में कहा कि आदर्श चम्पावत का उद्देश्य विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

Frequently asked questions

कौन-कौन रहे मौजूद?
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, दायित्वधारी मनोज कालाकोटी, दायित्वधारी हेमा जोशी, दायित्वधारी किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चम्पावत प्रकाश तिवारी, जिला अध्यक्ष महिला युवा मोर्चा दीपा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, अध्यक्ष नगर मंडल चम्पावत सुनील पुनेठा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़??…
चम्पावत में धार्मिक पर्यटन पर क्यों है जोर?
चम्पावत उत्तराखंड के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां धार्मिक आस्था, प्राकृतिक पर्यटन और लोक संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है। मां पूर्णागिरि धाम के अलावा क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं। ऐसे में बुनियादी ढांचे और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार को पर्यटन विकास से जोड़ने पर स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना है।