बैठक में सरकार ने एक साथ कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए। इनमें उच्च शिक्षा और युवाओं की स्किलिंग, भूमिधरी अधिकार, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार, सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण, वन प्रशासन, राजकोषीय प्रबंधन, कुक्कुट पालन, निजी विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मानदेय से जुड़े निर्णय प्रमुख हैं।
इन फैसलों का असर सीधे तौर पर छात्रों, भूमिधरों, किसानों, सरकारी कर्मचारियों, कुक्कुट पालकों और राज्य की विकास परियोजनाओं पर पड़ सकता है।
1. 1.19 लाख छात्रों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना
कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण फैसला उच्च शिक्षा से जुड़े युवाओं के लिए माना जा रहा है। सरकार ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी दी है।
इस योजना का लाभ राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा।
योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ाना है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यानी उत्तराखंड में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को पारंपरिक डिग्री के साथ रोजगारपरक और कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर रहेगा।
2. पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार को गति
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी और भविष्य की हवाई यातायात जरूरतों के लिहाज से भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई है।
यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।
पंतनगर एयरपोर्ट को लेकर यह निर्णय कुमाऊं में पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3. वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन से जुड़े लोगों को राहत
कैबिनेट ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके अलावा नैनीताल जिले की नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा देहरादून के जौनसार-बावर परगना में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
विनियमितीकरण के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर व्यवस्था को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाएगा। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।
यह फैसला उन लोगों के लिए खास महत्व रखता है जो लंबे समय से ऐसी भूमि के अधिकार और विनियमितीकरण से जुड़े मामलों का सामना कर रहे हैं।
4. संपत्ति की रजिस्ट्री में PAN Verification होगा
अब संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में PAN की सत्यता जांचने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इसका उद्देश्य फर्जी या गलत PAN के इस्तेमाल को कम करना तथा आयकर विभाग को उपलब्ध कराए जाने वाले डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ाना है।
5. उत्तराखंड में राजकोषीय घाटे और कर्ज की सीमा तय
राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
हालांकि आपदा और सुरक्षा जैसी विशेष परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।
6. वन विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था बदलेगी
वन विभाग में विभागाध्यक्ष से जुड़ी व्यवस्था में भी संशोधन किया गया है।
निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य वनाग्नि, बाढ़, दैवीय आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने और कार्रवाई की गति बढ़ाना है।
7. स्थानीय निकायों से जुड़ी रिपोर्ट विधानसभा में आएगी
छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखंड द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में रखने को मंजूरी दी गई है।
आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण के साथ वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अपनी संस्तुतियां दी हैं।
8. समूह 'ग' की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
समूह 'ग' के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से संबंधित नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।
जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा।
वहीं उप कारापाल के पद के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार समाप्त किया जाएगा।
9. सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़े नियम होंगे अपडेट
उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से जुड़े प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों तथा अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट और अपडेट किया जाएगा।
नियम 15 में मौजूद हिंदी अनुवाद की त्रुटि को भी दूर किया जाएगा।
10. सतर्कता अधिष्ठान का ढांचा मजबूत होगा
कैबिनेट ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी है।
इसमें कुछ पुराने पदों को समर्पित करते हुए मुख्य आरक्षी और अपर उपनिरीक्षक स्तर के नए पदों का सृजन किया जाएगा। इससे सतर्कता व्यवस्था को प्रशासनिक स्तर पर मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
11. सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण की आय का 92% हिस्सा संबंधित एजेंसी को
नियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास एवं विनियम अधिनियम की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
12. 1873 के पुराने नहर कानून की जगह नया विधेयक
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप सिंचाई और जल निकासी व्यवस्था को नया कानूनी आधार देने की दिशा में भी फैसला हुआ है।
कैबिनेट ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक अथवा अपर्याप्त हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने और उसकी जगह उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है।
13. कुक्कुट पालकों को DBT के जरिए सब्सिडी
कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना में भी बदलाव किया गया है।
अब लाभार्थियों को सब्सिडी आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से देने की व्यवस्था की जाएगी।
इससे सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
14. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के लिए नया DG पद
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है।
सरकार का कहना है कि इससे योजनाओं की निगरानी, प्रशासनिक समन्वय और केंद्र तथा राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिसरण में मदद मिलेगी।
15. निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानक बदले
उत्तराखंड में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की नीति और मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
संशोधित व्यवस्था में पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था की जाएगी।
साथ ही निजी विश्वविद्यालयों के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।
16. नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
टिहरी गढ़वाल जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय स्थापित करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इसके क्षेत्राधिकार में तहसील नरेंद्रनगर के 98 और उप तहसील पावकी देवी के 35, यानी कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे।
इससे स्थानीय लोगों को पंजीकरण से जुड़ी सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
17. मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारण
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई है।
यह निर्णय सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ और प्रशिक्षित चिकित्सकीय मानव संसाधन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
18. वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा के लिए नई नियमावली
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को व्यवस्थित करने के लिए उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।
धामी कैबिनेट के फैसलों का बड़ा संदेश क्या है?
बनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस केवल प्रशासनिक नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं रहा। युवा रोजगार, उच्च शिक्षा, भूमि अधिकार, एयर कनेक्टिविटी, वित्तीय अनुशासन, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि-पशुपालन और स्थानीय प्रशासन जैसे क्षेत्रों को एक साथ फैसलों में शामिल किया गया है।
खास तौर पर 1.19 लाख विद्यार्थियों के लिए 200 करोड़ रुपये की कौशल संवर्धन योजना, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 66.2916 करोड़ रुपये और भूमि अधिकारों से जुड़े फैसले आम जनता की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल हैं।
चंपावत के बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित करना भी प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राज्य गठन के करीब 26 साल बाद चंपावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि कैबिनेट बैठकों को केवल देहरादून तक सीमित न रखकर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित करने से स्थानीय समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को शासन के सामने सीधे रखने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड कैबिनेट 2026: एक नजर में
बैठक: 4 अक्टूबर 2026
स्थान: एनएचपीसी, बनबसा, चंपावत
अध्यक्षता: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
महत्वपूर्ण फैसले: 24
उच्च शिक्षा योजना: लगभग 1.19 लाख विद्यार्थी
स्किलिंग योजना का बजट: लगभग ₹200 करोड़/5 वर्ष
पंतनगर एयरपोर्ट: ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि
राजकोषीय घाटे की सीमा: GSDP का 3%
संचयी ऋण की अधिकतम सीमा: GSDP का 30%
स्थानीय स्तर का बड़ा फैसला: नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय
भूमि से जुड़े फैसले: वर्ग-3, वर्ग-4 एवं भूमिधरी अधिकार
निजी विश्वविद्यालय: पर्वतीय/मैदानी क्षेत्रों के लिए नए निर्मित क्षेत्र मानक