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29 SEP 2026 · उत्तराखंड

उत्तराखंड: थलीसैंण में 29 आपदा प्रभावित परिवारों का होगा उच्चस्तरीय आकलन

श्रीनगर विधानसभा के थलीसैंण में 29 आपदा प्रभावित परिवारों के नुकसान का उच्चस्तरीय आकलन होगा। डॉ. धन सिंह रावत ने सड़क, पुल और पेयजल लाइनों की मरम्मत के निर्देश दिए।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिए निर्देश, क्षतिग्रस्त सड़क-पुल और पेयजल लाइनों की तत्काल मरम्मत के साथ पाबों में भू-धंसाव का THDC से सर्वे कराने को कहा

देहरादून, 29 सितंबर 2026। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के थलीसैंण विकासखंड में आपदा से प्रभावित 29 परिवारों के नुकसान का उच्चस्तरीय समिति से आकलन कराया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आपदा प्रबंधन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आपदा नीति के तहत जल्द उचित मुआवजा उपलब्ध कराने को भी कहा है।

डॉ. धन सिंह रावत ने मंगलवार को अपने शासकीय आवास पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।

29 प्रभावित परिवारों के नुकसान का होगा आकलन

बैठक में थलीसैंण विकासखंड के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की क्षति का विस्तृत आकलन उच्चस्तरीय समिति के माध्यम से कराया जाए।

उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को समिति गठित कर आवश्यक जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को आपदा नीति के प्रावधानों के अनुसार जल्द राहत और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने को कहा।

क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की जल्द होगी मरम्मत

आपदा के कारण श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में कई मोटरमार्ग और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की शीघ्र मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों की भी तत्काल मरम्मत कराने को कहा।

NH-309 की स्थिति सुधारने के निर्देश

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309 (बुआखाल-बैजरों) की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त हिस्सों की जल्द मरम्मत कर यातायात व्यवस्था सुचारु करने के निर्देश दिए।

पाबों में भू-धंसाव का THDC करेगा स्थलीय सर्वे

पाबों क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। डॉ. धन सिंह रावत ने टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) से क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने अधिकारियों से भू-धंसाव के कारणों का तकनीकी आकलन कराने और सर्वेक्षण के आधार पर आवश्यक ट्रीटमेंट की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को जल्द ठीक करने के निर्देश

आपदा से प्रभावित पेयजल योजनाओं को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत कर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करने को कहा।

इसके अलावा भिड़ाहस्यूडी, विडोलस्यूं और ढिक्वाल गांव पेयजल पंपिंग योजना को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम संजय सिंह, मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन) सुशांत पटनायक, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान मनीष सेमवाल, मुख्य अभियंता एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम मोहम्मद मीसम सहित अनुपम रतन, राजेश सिंह, मोहित उनियाल और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।