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12 OCT 2026 · उत्तर प्रदेश

न्यू नोएडा को मिलेगी नई पहचान, 20 हजार हेक्टेयर में होगा विकास; 6 लाख युवाओं के रोजगार का लक्ष्य

नोएडा/लखनऊ, 12 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में ‘न्यू नोएडा’ की योजना अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार औद्योगिक आधारभूत ढांचे के विस्तार और निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में न्यू नोएडा विकसित करने की तैयारी कर रहा है।

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प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के अनुसार, इस विस्तार का उद्देश्य औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराना है। योजना के तहत वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 से 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा, आगामी पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) में नोएडा प्राधिकरण से जुड़ी लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाएं शामिल होने की बात कही गई है। इन परियोजनाओं में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

20 हजार हेक्टेयर में विकसित होगा न्यू नोएडा

दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी केंद्रों में शामिल नोएडा में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ जमीन की मांग भी बढ़ी है। मौजूदा शहरी क्षेत्र में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण अब न्यू नोएडा के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

प्राधिकरण के मुताबिक, प्रस्तावित क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही मौजूदा नोएडा क्षेत्र में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की सुविधा देने के लिए भी नीतिगत विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

न्यू नोएडा के विकसित होने से नए उद्योगों को जमीन मिलने के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। इससे विनिर्माण, तकनीक, लॉजिस्टिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।

35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं पर नजर

नोएडा प्राधिकरण से जुड़ी लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं को आगामी पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।

इन परियोजनाओं का संबंध डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास जैसे क्षेत्रों से है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का उद्देश्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

यदि ये परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के अनुसार धरातल पर उतरती हैं, तो इनसे निर्माण गतिविधियों, औद्योगिक सेवाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से बेहतर होगी कनेक्टिविटी

न्यू नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के साथ परिवहन सुविधाओं का विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बेहतर सार्वजनिक परिवहन के लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर योजना बनाई जा रही है।

इन कॉरिडोर के माध्यम से नोएडा को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है।

नोएडा पहले से ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से जुड़ा है। प्रस्तावित परिवहन सुविधाओं से कर्मचारियों की आवाजाही और औद्योगिक गतिविधियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मेट्रो कॉरिडोर की अंतिम मंजूरी और निर्माण की समयसीमा की पुष्टि संबंधित प्राधिकरणों से की जानी चाहिए।

नोएडा का औद्योगिक आधार लगातार हुआ मजबूत

वर्ष 1976 में औद्योगिक नगरी के रूप में स्थापित नोएडा आज दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में गिना जाता है। राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, बेहतर सड़क संपर्क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे ने इसे विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में पिछले तीन दशकों के दौरान लगभग 9,500 औद्योगिक, 5,000 वाणिज्यिक और 250 से अधिक संस्थागत आवंटन किए गए हैं। इन गतिविधियों से पिछले 30 से 35 वर्षों में 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने का दावा किया गया है।

अब न्यू नोएडा के विस्तार के जरिए औद्योगिक भूमि और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने की योजना है। इससे क्षेत्र में नए निवेशकों को आकर्षित करने और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।

इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और डेटा सेंटर सेक्टर पर खास जोर

नोएडा की औद्योगिक पहचान में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा सेंटर क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां सैमसंग, डिक्सन, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो और एडोबी जैसी कंपनियों की मौजूदगी ने क्षेत्र के औद्योगिक और तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूती दी है।

डेटा सेंटर क्षेत्र में सिफी और अडानीकनेक्स जैसी कंपनियों के निवेश से भी इस क्षेत्र की संभावनाएं बढ़ी हैं।

प्राधिकरण की योजना में सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बैटरी तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर है। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से उच्च कौशल वाले रोजगार और अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश के निर्यात में नोएडा की अहम भूमिका

प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में नोएडा का योगदान लगभग 10 प्रतिशत बताया गया है। राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी निर्यात में इसकी हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत और परिधान निर्यात में लगभग 80 प्रतिशत बताई जाती है।

ये आंकड़े नोएडा की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को रेखांकित करते हैं। हालांकि, इन प्रतिशतों की पुष्टि संबंधित सरकारी रिपोर्टों और आंकड़ों से करना आवश्यक है, क्योंकि इनका आकलन वर्ष और गणना की पद्धति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

न्यू नोएडा से रोजगार और निवेश को मिल सकती है नई गति

न्यू नोएडा का विकास केवल शहरी विस्तार तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य नए उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराना, आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है।

यदि प्रस्तावित निवेश और कनेक्टिविटी योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो इससे विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, वास्तविक रोजगार सृजन भूमि अधिग्रहण, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निवेश की प्रगति और उद्योगों की मांग पर निर्भर करेगा।

कुल मिलाकर, न्यू नोएडा की योजना उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है। आने वाले वर्षों में इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नियोजित निवेश, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार सृजन के लक्ष्यों को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।