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9 OCT 2026 · उत्तर प्रदेश

अयोध्या दौरे पर अखिलेश यादव को लेकर भाजपा का हमला, रामलला के दर्शन और कृष्ण जन्मभूमि पर मांगा रुख

लखनऊ, 8 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव, भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल और पार्टी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के रामलला के दर्शन नहीं करने पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने राम मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि और समाजवादी पार्टी की परिवारवाद की राजनीति को लेकर भी उन पर आरोप लगाए।

akhilesh yadav in ayodhya

गिरीश यादव बोले- अयोध्या गए थे तो रामलला के दर्शन कर लेते

उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या गए थे तो उन्हें रामलला के दर्शन भी करने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव भगवान राम के प्रति आस्था रखते हैं, तो उन्हें राम मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए था। गिरीश यादव ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव को खुलकर कहना चाहिए कि राम मंदिर बनने से उन्हें खुशी है।

बृजलाल ने धार्मिक आयोजन को राजनीतिक मंच बनाने का लगाया आरोप

भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सपा विधायक पवन पांडेय की ओर से आयोजित भागवत कथा के धार्मिक मंच से अखिलेश यादव ने राजनीतिक संदेश दिया, जो उनके अनुसार धार्मिक आयोजन की गरिमा के अनुरूप नहीं था।

बृजलाल ने अपने बयान में वर्ष 1990 की अयोध्या की घटनाओं और मथुरा के जवाहरबाग कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में अखिलेश यादव के परिवार के कई सदस्य सांसद रहे हैं और उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में भी परिवार के प्रभाव को लेकर सवाल उठते रहे।

उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की बात करते हैं, तो उन्हें यह घोषणा करनी चाहिए कि सत्ता में आने पर अपने परिवार से बाहर किसी अन्य यादव, मुस्लिम या दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाएंगे।

राकेश त्रिपाठी ने रामलला और कृष्ण जन्मभूमि पर रुख स्पष्ट करने को कहा

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या हिंदू धर्म की प्रमुख धार्मिक नगरियों में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए अयोध्या के धार्मिक महत्व को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी।

त्रिपाठी ने अखिलेश यादव की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं, तो उन्हें मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण अखिलेश यादव रामलला के दर्शन और कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात नहीं रख रहे हैं।

भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस प्रेस विज्ञप्ति में अखिलेश यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।