# IAS दिव्या मित्तल की पूरी कहानी: IIT-IIM, लंदन की नौकरी और UPSC से IAS तक का सफर, 13 साल बाद क्यों छोड़ी सेवा ?

> Author: Alka Tiwari | Published: 2026-08-30 | Updated: 2026-08-30 | Source: https://prathampost.com/ias-divya-mittal-biography

**Summary:** An article explaining iAS दिव्या मित्तल की पूरी कहानी: IIT-IIM, लंदन की नौकरी और UPSC से IAS तक का सफर, 13 साल बाद क्यों छोड़ी सेवा ?. दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। सरकारी रिकॉर्ड में उनका जन्म 23 नवंबर 1983 दर्ज है और उनका कैडर उत्तर प्रदेश है। अगस्त 2026 तक वह उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। IAS Divya Mittal…

**कौन हैं IAS दिव्या मित्तल?**

दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। सरकारी रिकॉर्ड में उनका जन्म 23 नवंबर 1983 दर्ज है और उनका कैडर उत्तर प्रदेश है। अगस्त 2026 तक वह उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। IAS Divya Mittal Biography: कभी लंदन की हाई-प्रोफाइल नौकरी, फिर UPSC की तैयारी और उसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा। मिर्जापुर में 75 साल पुराने जल संकट का समाधान कराने से लेकर देवरिया में प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा तक, IAS दिव्या…

**IAS Divya Mittal Biography:** कभी लंदन की हाई-प्रोफाइल नौकरी, फिर UPSC की तैयारी और उसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा। मिर्जापुर में 75 साल पुराने जल संकट का समाधान कराने से लेकर देवरिया में प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा तक, IAS दिव्या मित्तल का करीब 13 साल का करियर कई अलग-अलग पड़ावों से गुजरा है। अब उन्होंने IAS से इस्तीफा देकर अपने इस सफर पर विराम लगा दिया है।

30 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने अपनी 13 साल की प्रशासनिक यात्रा को याद करते हुए लिखा कि यह सफर उनके लिए अविस्मरणीय रहा। उनके संदेश में किसी सरकारी पद से विदाई की औपचारिक भाषा कम और अपने अनुभवों, सपनों और लोगों के बीच बिताए समय की भावनाएं ज्यादा दिखाई दीं।

दिव्या मित्तल की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि IAS बनने से पहले उनका करियर बिल्कुल अलग दिशा में था। IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग, IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई और फिर लंदन में वित्तीय क्षेत्र की नौकरी—इन सबके बाद उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़ी, भारत लौटीं और UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

लेकिन IAS बनने के बाद भी उनका सफर आसान या एकरंगा नहीं रहा। कई प्रशासनिक उपलब्धियों ने उन्हें पहचान दी तो कुछ फैसलों और घटनाओं ने उन्हें विवादों में भी रखा।

तो आखिर **दिव्या मित्तल कौन हैं? उन्होंने पढ़ाई कहां से की? लंदन की नौकरी छोड़कर IAS बनने का फैसला क्यों लिया? मिर्जापुर में उनके काम की इतनी चर्चा क्यों हुई? उनके तबादले को लेकर विवाद क्या था? देवरिया में कौन सी घटना चर्चा में आई? और आखिर 13 साल बाद उन्होंने IAS से इस्तीफा क्यों दिया?**

आइए, जानते हैं उनकी पूरी कहानी।

## कौन हैं IAS दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। सरकारी रिकॉर्ड में उनका जन्म 23 नवंबर 1983 दर्ज है और उनका कैडर उत्तर प्रदेश है। अगस्त 2026 तक वह उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं।

हालांकि, उनकी पहचान सिर्फ एक IAS अधिकारी के रूप में नहीं बनी। वह IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु की पढ़ाई, लंदन में वित्तीय क्षेत्र के अनुभव और UPSC में लगातार सफलता हासिल करने के कारण भी चर्चा में रही हैं।

उनकी प्रशासनिक पहचान खास तौर पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और देवरिया जिलों में जिलाधिकारी के रूप में बनी। मिर्जापुर में ग्रामीण जल संकट के समाधान की कोशिशों ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई, जबकि कुछ प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाओं ने उनके कार्यकाल को विवादों में भी रखा।

## दिव्या मित्तल का प्रारंभिक जीवन और पढ़ाई
दिव्या मित्तल की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में हुई। 12वीं के बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान IIT दिल्ली में प्रवेश लिया और 2001 से 2005 के बीच B.Tech की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उनका अगला पड़ाव था IIM बेंगलुरु। उन्होंने CAT परीक्षा पास की और 2005-07 के दौरान वहां MBA किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने बैच के शीर्ष 5 प्रतिशत विद्यार्थियों में जगह बनाई थी।

यानी करियर की शुरुआत में ही दिव्या मित्तल ने भारत के दो बेहद प्रतिष्ठित संस्थानों—IIT और IIM—से पढ़ाई की। लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा सिर्फ कॉरपोरेट करियर तक सीमित नहीं रही।

## IIM के बाद लंदन में नौकरी
MBA पूरा करने के बाद दिव्या मित्तल लंदन चली गईं। वहां उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में काम किया। उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, वह JP Morgan में exotic derivatives trader के तौर पर काम कर चुकी हैं।

यह एक ऐसा करियर था जिसे हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में युवा सपने देखते हैं। प्रतिष्ठित संस्थानों की डिग्री, विदेश में नौकरी और वित्तीय क्षेत्र में मजबूत पेशेवर भविष्य—उनके सामने एक सफल कॉरपोरेट करियर का रास्ता साफ था।

लेकिन कुछ समय बाद उन्हें लगा कि यह जीवन उन्हें पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर रहा।

दिव्या मित्तल ने बाद में बताया कि विदेश में रहते हुए उन्हें अपने देश से दूर होने का एहसास होता था। उन्हें लगता था कि उनकी शिक्षा और उन्हें मिली क्षमताओं का एक हिस्सा उस देश के प्रति जिम्मेदारी भी है जहां से उन्होंने यह सब हासिल किया।

यही सोच उन्हें वापस भारत ले आई।

## लंदन की नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी
दिव्या मित्तल ने लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया और UPSC Civil Services Examination की तैयारी शुरू कर दी।

यह फैसला आसान नहीं था। एक तरफ विदेश में स्थापित करियर था, दूसरी तरफ भारत लौटकर देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक की तैयारी।

लेकिन उनकी UPSC यात्रा भी साधारण नहीं रही।

उपलब्ध प्रोफाइल और उनके पुराने विवरणों के अनुसार, उन्होंने UPSC में लगातार सफलता हासिल की। पहले उन्हें IRS सेवा मिली, फिर IPS और आखिरकार IAS में चयन हुआ। 2012 की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल की और IAS के लिए चयनित हुईं।

इस तरह लंदन की वित्तीय दुनिया से निकलकर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा को अपना नया करियर बनाया।

## IAS बनने के बाद प्रशासनिक सफर
IAS अधिकारी बनने के बाद दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनके करियर में NITI Aayog में Assistant Secretary, मेरठ में SDM, गोंडा में Chief Development Officer और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल रहीं। बाद में उन्होंने जिला स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रहीं।

इन्हीं जिला पोस्टिंग के दौरान उनकी पहचान एक ऐसी अधिकारी के रूप में बनी जो प्रशासनिक कामकाज को सोशल मीडिया और सीधे जनता से संवाद के जरिए भी सामने रखती थीं।

लेकिन उनके करियर का सबसे चर्चित अध्याय मिर्जापुर से जुड़ा रहा।

## मिर्जापुर में 75 साल पुराने जल संकट की कहानी
मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए दिव्या मित्तल ने लहुरियादह गांव की पानी की समस्या पर विशेष ध्यान दिया।

गांव में लंबे समय से पीने के पानी की गंभीर समस्या थी। स्थानीय लोगों को पानी के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता था और टैंकरों पर निर्भरता बनी हुई थी।

दिव्या मित्तल के कार्यकाल में प्रशासन ने गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की योजना पर काम किया। उनकी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्होंने लहुरियादह की इस समस्या को याद किया था और बताया था कि आजादी के दशकों बाद भी गांव के लोगों को पानी की सुविधा नहीं मिली थी।

बाद की रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना के जरिए गांव के करीब 125 घरों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया। इस काम ने दिव्या मित्तल को स्थानीय स्तर से बाहर भी पहचान दिलाई।

यह उनके प्रशासनिक करियर की उन उपलब्धियों में शामिल हुआ जिसे वह खुद भी अपनी सबसे महत्वपूर्ण सीखों में गिनाती हैं।

उनके इस्तीफे के दिन लिखे संदेश में भी लहुरियादह का जिक्र आया। उन्होंने लिखा कि मिर्जापुर ने उन्हें यह सिखाया कि “असंभव” कोई तथ्य नहीं, बल्कि अक्सर एक राय होती है।

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## मिर्जापुर में तबादले को लेकर क्यों हुआ विवाद?
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर कार्यकाल उपलब्धियों के साथ-साथ विवादों के कारण भी चर्चा में रहा।

अगस्त 2023 में लहुरियादह में पानी की परियोजना से जुड़े एक कार्यक्रम के बाद प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठे। इसके बाद सितंबर 2023 में दिव्या मित्तल का तबादला कर दिया गया और उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा गया।

इस तबादले को लेकर मिर्जापुर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा हुई। स्थानीय लोगों में भी नाराजगी की खबरें आईं। उस समय यह सवाल उठाया गया कि आखिर जिस अधिकारी ने लंबे समय से लंबित पानी की समस्या को हल करने की कोशिश की, उनका अचानक तबादला क्यों किया गया।

## जनप्रतिनिधियों से टकराव की खबरें
दिव्या मित्तल की प्रशासनिक शैली को लेकर एक बात अक्सर चर्चा में रही—वह अपने फैसलों और प्रशासनिक रुख को लेकर काफी स्पष्ट नजर आती थीं।

मिर्जापुर के दौरान उनके और स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच मतभेद की खबरें सामने आईं। उनके तबादले के समय भी यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना था।

बाद में देवरिया में भी एक बैठक के दौरान उनके और एक विधायक के बीच तीखी बहस की खबर सामने आई। विकास कार्यों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर हुई इस घटना ने भी काफी ध्यान खींचा।

इन घटनाओं ने उनके बारे में एक ऐसी छवि बनाने में भूमिका निभाई जिसमें उन्हें एक स्पष्टवादी और अपने प्रशासनिक निर्णयों पर मजबूती से खड़ी रहने वाली अधिकारी के तौर पर देखा गया।

## देवरिया की DM बनीं तो फिर चर्चा में आईं
23 जुलाई 2024 को दिव्या मित्तल को देवरिया का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति भी इसलिए खास थी क्योंकि 2023 में मिर्जापुर से उनके तबादले के बाद उनकी नई पोस्टिंग को लेकर काफी चर्चा हुई थी।

देवरिया में उनका कार्यकाल करीब दो साल रहा। मई 2026 में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया। यही उनकी IAS सेवा की अंतिम ज्ञात पोस्टिंग रही।

देवरिया में भी उन्होंने प्रशासनिक कामकाज और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई।

उनके कार्यकाल से जुड़ी कुछ घटनाएं सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में भी चर्चा का विषय बनीं। इनमें जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक बैठकों में मतभेद भी शामिल रहे।

## UPSC अभ्यर्थियों के लिए भी बनीं प्रेरणा
दिव्या मित्तल की UPSC यात्रा ने उन्हें सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच भी लोकप्रिय बनाया।

वह अपनी तैयारी और अनुभवों के बारे में लगातार बात करती रही हैं। UPSC में अलग-अलग वर्षों में IRS, IPS और IAS तक पहुंचने का उनका सफर खुद में एक उदाहरण है कि किसी एक प्रयास या एक सफलता से करियर की अंतिम दिशा तय होना जरूरी नहीं है।

उनकी ऑनलाइन मौजूदगी में UPSC तैयारी, अनुशासन, पढ़ाई और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विषय लगातार दिखाई देते हैं।

उनका अनुभव खास तौर पर उन अभ्यर्थियों के लिए दिलचस्प रहा है जो इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद सिविल सर्विस की ओर रुख करना चाहते हैं।

## 'The Crafted Genius' और Kiki English
दिव्या मित्तल ने UPSC और व्यक्तिगत विकास से जुड़े अनुभवों को किताब के रूप में भी सामने रखा है। उनकी पुस्तक **The Crafted Genius** में तैयारी, मेहनत, सिस्टम और सफलता से जुड़े विचार शामिल हैं।

इसके अलावा उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में **Kiki English** नाम के learning app पर भी काम किया। इसका उद्देश्य बच्चों और शुरुआती स्तर के learners को अंग्रेजी सीखने में मदद करना है।

इससे यह साफ होता है कि उनका काम केवल प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं रहा। शिक्षा और learning जैसे विषयों में भी उनकी रुचि रही है।

## 13 साल बाद IAS से इस्तीफा
30 अगस्त 2026 को दिव्या मित्तल ने IAS से इस्तीफा देने की घोषणा की।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा भावनात्मक संदेश लिखा। इसमें उन्होंने अपने शुरुआती जीवन, IIT और IIM की पढ़ाई, लंदन की नौकरी और फिर भारत लौटकर सिविल सेवा में आने की कहानी को याद किया।

उन्होंने लिखा कि लंदन में रहते हुए उन्हें महसूस हुआ कि अपने देश से दूर रहना उन्हें भीतर से खल रहा था। भारत लौटने और देश के निर्माण में योगदान देने की इच्छा उन्हें UPSC की ओर ले गई।

उनके संदेश का एक भाव यह था कि उन्होंने अपने लिए देखे कई सपने पूरे कर लिए थे, लेकिन अब वह अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना चाहती हैं।

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## दिव्या मित्तल ने IAS क्यों छोड़ा?
यह इस समय सबसे बड़ा सवाल है।

**दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की घोषणा तो कर दी है, लेकिन उन्होंने इसे किसी एक विवाद, तबादले या प्रशासनिक घटना का परिणाम नहीं बताया है।**

उनका सार्वजनिक संदेश मुख्य रूप से उनकी व्यक्तिगत यात्रा, सेवा के अनुभव और भविष्य के सपनों पर केंद्रित है। उन्होंने अपने 13 साल के प्रशासनिक जीवन को याद किया और बताया कि इस दौरान उन्हें लोगों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव देखने का अवसर मिला।

उन्होंने खास तौर पर उन लोगों का जिक्र किया जिनकी जिंदगी में प्रशासनिक काम के जरिए बदलाव आया—जैसे वह परिवार जिसे जमीन का अधिकार मिला, वह दिव्यांग व्यक्ति जिसे सम्मान के साथ जीने का अवसर मिला और वह किसान जिसके खेत तक पानी पहुंचा।

इसलिए फिलहाल सबसे तथ्यात्मक निष्कर्ष यही है कि **उन्होंने अपनी इच्छा से IAS सेवा छोड़ने का फैसला किया है और सार्वजनिक रूप से किसी एक विवाद को इसका कारण नहीं बताया है।**

उनके अगले कदम को लेकर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

## IAS से इस्तीफा, लेकिन सफर खत्म नहीं
दिव्या मित्तल की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू शायद उनका इस्तीफा नहीं, बल्कि इस्तीफे तक पहुंचने वाला पूरा सफर है।

उन्होंने पहले एक सफल कॉरपोरेट करियर छोड़ा ताकि देश की सेवा कर सकें। फिर UPSC के जरिए प्रशासनिक सेवा में आईं। 13 साल तक सरकार का हिस्सा रहीं। कई जिलों में काम किया। ऐसे गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की जहां दशकों से समस्या बनी हुई थी। राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद भी देखे। सोशल मीडिया के जरिए जनता और युवाओं से संवाद किया। शिक्षा और UPSC जैसे विषयों पर लिखा और बोला।

अब उन्होंने IAS की नौकरी छोड़ दी है।

लेकिन उनके इस्तीफे के संदेश से ऐसा नहीं लगता कि वह अपने सार्वजनिक जीवन को खत्म मानती हैं। बल्कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत जैसा दिखाई देता है।

## IAS दिव्या मित्तल से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

## IAS दिव्या मित्तल कौन हैं?
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। IAS बनने से पहले वह लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम कर चुकी हैं।

## दिव्या मित्तल ने IAS से इस्तीफा कब दिया?
दिव्या मित्तल ने **30 अगस्त 2026** को सोशल मीडिया के जरिए 13 साल की सेवा के बाद IAS से इस्तीफा देने की घोषणा की।

## दिव्या मित्तल ने IAS क्यों छोड़ा?
उन्होंने अपने इस्तीफे का कोई एक प्रशासनिक या विवाद संबंधी कारण नहीं बताया है। उनकी विदाई पोस्ट में उनकी व्यक्तिगत यात्रा, जनता की सेवा से मिले अनुभव और भविष्य के सपनों पर जोर रहा।

## दिव्या मित्तल ने कहां से पढ़ाई की?
उन्होंने IIT दिल्ली से B.Tech और IIM बेंगलुरु से MBA किया।

## IAS बनने से पहले दिव्या मित्तल क्या करती थीं?
वह लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम करती थीं और JP Morgan में exotic derivatives trader के तौर पर काम कर चुकी हैं। बाद में उन्होंने भारत लौटकर UPSC की तैयारी की।

## दिव्या मित्तल की UPSC रैंक क्या थी?
उन्होंने 2012 की UPSC Civil Services Examination में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल की और IAS के लिए चयनित हुईं। उनके प्रोफाइल में इससे पहले IRS और IPS में चयन का भी उल्लेख मिलता है।

## दिव्या मित्तल किन जिलों की DM रही हैं?
वह उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं।

## मिर्जापुर में दिव्या मित्तल क्यों प्रसिद्ध हुईं?
मिर्जापुर की DM रहते हुए उन्होंने लहुरियादह गांव की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान के लिए काम किया। परियोजना के तहत गांव के करीब 125 घरों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया।

## दिव्या मित्तल का मिर्जापुर ट्रांसफर विवाद क्या था?
2023 में उनके मिर्जापुर से तबादले को लेकर काफी चर्चा हुई। यह घटनाक्रम लहुरियादह जल परियोजना से जुड़े एक कार्यक्रम और प्रोटोकॉल विवाद के बाद सामने आया था। हालांकि उनके तबादले को केवल उसी घटना का परिणाम बताना उचित नहीं है, क्योंकि आधिकारिक कारणों और उस समय की राजनीतिक अटकलों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

## क्या दिव्या मित्तल देवरिया की DM रही हैं?
हां। उन्हें जुलाई 2024 में देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया था। मई 2026 में वह उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव पद पर चली गईं।

## दिव्या मित्तल की किताब का नाम क्या है?
उनकी किताब का नाम **The Crafted Genius** है, जिसमें UPSC तैयारी और व्यक्तिगत विकास से जुड़े अनुभव और विचार शामिल हैं।

## Kiki English क्या है?
Kiki English बच्चों और शुरुआती learners के लिए अंग्रेजी सीखने से जुड़ा learning app है, जिस पर दिव्या मित्तल ने काम किया है।

## क्या दिव्या मित्तल किसी विवाद में रही हैं?
हां। उनके करियर में मिर्जापुर तबादला विवाद और जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक मतभेद से जुड़ी घटनाएं चर्चा में रही हैं। हालांकि इन घटनाओं को स्थापित भ्रष्टाचार के मामले के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

## दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद वह क्या करेंगी?
फिलहाल उन्होंने अपने अगले कदम की विस्तृत आधिकारिक घोषणा नहीं की है। शिक्षा, UPSC mentoring, लेखन और learning से जुड़े उनके पिछले कामों को देखते हुए भविष्य में इन क्षेत्रों में उनकी भूमिका की संभावना पर चर्चा जरूर हो सकती है, लेकिन अभी किसी एक दिशा की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।

## FAQ
### कौन हैं IAS दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। सरकारी रिकॉर्ड में उनका जन्म 23 नवंबर 1983 दर्ज है और उनका कैडर उत्तर प्रदेश है। अगस्त 2026 तक वह उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं।

### मिर्जापुर में तबादले को लेकर क्यों हुआ विवाद?
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर कार्यकाल उपलब्धियों के साथ-साथ विवादों के कारण भी चर्चा में रहा।

### क्या दिव्या मित्तल किसी बड़े भ्रष्टाचार विवाद में रही हैं?
दिव्या मित्तल के करियर से जुड़े विवादों की चर्चा करते समय यह अंतर समझना जरूरी है कि प्रशासनिक विवाद और भ्रष्टाचार का आरोप एक ही चीज नहीं हैं।

### दिव्या मित्तल ने IAS क्यों छोड़ा?
यह इस समय सबसे बड़ा सवाल है।

### दिव्या मित्तल की कहानी से क्या सीख मिलती है?
दिव्या मित्तल का करियर एक सीधी रेखा में आगे बढ़ने वाली कहानी नहीं है।

### IAS दिव्या मित्तल कौन हैं?
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। IAS बनने से पहले वह लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम कर चुकी हैं।

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Cite as: Alka Tiwari. "IAS दिव्या मित्तल की पूरी कहानी: IIT-IIM, लंदन की नौकरी और UPSC से IAS तक का सफर, 13 साल बाद क्यों छोड़ी सेवा ?". Pratham Post. https://prathampost.com/ias-divya-mittal-biography