# बनबसा-टनकपुर के लिए CM धामी का बड़ा ऐलान, 4 अहम घोषणाएं

> Author: Alka Tiwari | Published: 2026-10-04 | Updated: 2026-10-04 | Source: https://prathampost.com/banbasa-tanakpur-development-cm-dhami-4-big-announcements

**Summary:** A news report on बनबसा-टनकपुर के लिए CM धामी का बड़ा ऐलान, 4 अहम घोषणाएं. बनबसा और टनकपुर उत्तराखंड के महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र हैं। यहां पर्यटन, व्यापार, धार्मिक गतिविधियों और शिक्षा के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय आबादी की रोजमर्रा की जरूरतें भी जुड़ी हैं। चंपावत: उत्तराखंड के सीमांत जिले चंपावत में विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार…

**क्यों महत्वपूर्ण है बनबसा-टनकपुर के लिए यह घोषणा?**

बनबसा और टनकपुर उत्तराखंड के महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र हैं। यहां पर्यटन, व्यापार, धार्मिक गतिविधियों और शिक्षा के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय आबादी की रोजमर्रा की जरूरतें भी जुड़ी हैं। चंपावत: उत्तराखंड के सीमांत जिले चंपावत में विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं में पट्टे की भूमि के विनियमितीकरण, प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण, इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार और गरीब परिवारों को…

## Key takeaways
- बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के लोगों से जुड़ी सबसे अहम घोषणाओं में श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे और तराई-भाभर स्टेट के पट्टे…
- बनबसा और टनकपुर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के…
- उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की है।
- बनबसा और टनकपुर के शहरी निकाय क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे और अस्थायी भवनों में रह रहे…
- मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।…

**चंपावत:** उत्तराखंड के सीमांत जिले चंपावत में विकास को नई गति देने के लिए [मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी](https://prathampost.com/uttarakhand-railway-connectivity-cm-dhami-pm-modi-ashwini-vaishnaw) ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं में **पट्टे की भूमि के विनियमितीकरण, प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण, इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार और गरीब परिवारों को पक्के आवास** उपलब्ध कराने से जुड़े फैसले शामिल हैं।

रविवार को बनबसा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान को राज्य सरकार प्राथमिकता दे रही है। सरकार का फोकस केवल सड़क और बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि **धार्मिक पर्यटन, उच्च शिक्षा और आवास** जैसे क्षेत्रों को भी विकास की योजना में शामिल किया जा रहा है।

## पट्टे की जमीन के विनियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द
बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के लोगों से जुड़ी सबसे अहम घोषणाओं में **श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे और तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के विनियमितीकरण** का मामला शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द पूरी की जाएगी। लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर राहत की उम्मीद लगाए बैठे पट्टेदारों के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस कदम से संबंधित भूमि पर अधिकार और उससे जुड़े मामलों में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

## शारदा और कैनाल कॉरिडोर से मंदिरों को मिलेगा नया स्वरूप
बनबसा और टनकपुर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए **शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर** के अंतर्गत क्षेत्र के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य केवल मंदिरों को बेहतर स्वरूप देना नहीं है, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए **धार्मिक पर्यटन** को बढ़ावा देना भी है।

अगर यह योजना जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू होती है तो टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है।

## टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज का होगा विस्तार
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की है।

**ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर** के विस्तारीकरण के लिए **2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने** की घोषणा की गई है।

भूमि उपलब्ध होने के बाद कॉलेज में शैक्षणिक और संस्थागत सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा। इससे आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है।

सीमांत क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के संस्थान का विस्तार स्थानीय युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

[धामी कैबिनेट के फैसले: युवाओं, जमीन, एयरपोर्ट और कर्मचारियों के लिए क्या बदला? पढ़िए पूरी डिटेल](https://prathampost.com/uttarakhand-cabinet-decisions-2026-dhami-24-decisions) 

## कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान
बनबसा और टनकपुर के शहरी निकाय क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे और अस्थायी भवनों में रह रहे परिवारों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की है।

इन परिवारों को **प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना** के तहत स्थायी और पक्के आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।

इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से अस्थायी मकानों में रह रहे हैं। पक्के आवास मिलने से उन्हें बेहतर और सुरक्षित रहने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

## सीमांत क्षेत्र के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में **बुनियादी सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन, शिक्षा और आवास** से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इन चार घोषणाओं को एक साथ देखें तो सरकार ने क्षेत्र के विकास के चार अलग-अलग पहलुओं को छूने की कोशिश की है—**भूमि अधिकार, धार्मिक पर्यटन, तकनीकी शिक्षा और आवास**।

### बनबसा-टनकपुर के लिए CM धामी की 4 बड़ी घोषणाएं
**1. भूमि:** श्रेणी-1 ‘ख’ और तराई-भाभर स्टेट के पट्टों की भूमि के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द।

**2. धार्मिक पर्यटन:** शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के तहत प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण।

**3. शिक्षा:** एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

**4. आवास:** बनबसा और टनकपुर में सरकारी भूमि पर अस्थायी मकानों में रह रहे पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पक्के आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।

## क्यों महत्वपूर्ण है बनबसा-टनकपुर के लिए यह घोषणा?
बनबसा और टनकपुर उत्तराखंड के महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र हैं। यहां पर्यटन, व्यापार, धार्मिक गतिविधियों और शिक्षा के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय आबादी की रोजमर्रा की जरूरतें भी जुड़ी हैं।

ऐसे में भूमि के विनियमितीकरण से जुड़े मामलों में राहत, मंदिरों का विकास, तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणाएं क्षेत्र के अलग-अलग वर्गों को सीधे प्रभावित कर सकती हैं।

सरकार की इन घोषणाओं का वास्तविक असर इनके **समयबद्ध क्रियान्वयन** पर निर्भर करेगा। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन योजनाओं की प्रक्रिया कब शुरू होती है और जमीन पर इनका लाभ कितनी जल्दी पहुंचता है।

[उत्तराखंड की रेल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा कदम, CM धामी ने PM मोदी और रेल मंत्री का जताया आभार](https://prathampost.com/uttarakhand-railway-connectivity-cm-dhami-pm-modi-ashwini-vaishnaw) 

## Key facts
| Claim | Value | As of | Source |
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| चंपावत: उत्तराखंड के सीमांत जिले चंपावत में विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा… | 01 | 2026-10 |  |
| 3. शिक्षा: एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध… | 01 | 2026-10 |  |

## FAQ
### क्यों महत्वपूर्ण है बनबसा-टनकपुर के लिए यह घोषणा?
बनबसा और टनकपुर उत्तराखंड के महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र हैं। यहां पर्यटन, व्यापार, धार्मिक गतिविधियों और शिक्षा के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय आबादी की रोजमर्रा की जरूरतें भी जुड़ी हैं।

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Cite as: Alka Tiwari. "बनबसा-टनकपुर के लिए CM धामी का बड़ा ऐलान, 4 अहम घोषणाएं". Pratham Post. https://prathampost.com/banbasa-tanakpur-development-cm-dhami-4-big-announcements