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    "url": "https://prathampost.com/uttarakhand-cabinet-decisions-2026-dhami-24-decisions",
    "title": "धामी कैबिनेट के फैसले: युवाओं, जमीन, एयरपोर्ट और कर्मचारियों के लिए क्या बदला? पढ़िए पूरी डिटेल",
    "type": "news",
    "summary": "An article explaining धामी कैबिनेट के फैसले: युवाओं, जमीन, एयरपोर्ट और कर्मचारियों के लिए क्या बदला? पढ़िए पूरी डिटेल. बनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस केवल प्रशासनिक नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं रहा। युवा रोजगार, उच्च शिक्षा, भूमि अधिकार, एयर कनेक्टिविटी, वित्तीय अनुशासन, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि-पशुपालन और स्थानीय प्रशासन जैसे क्षेत्रों को एक साथ फैसलों में…",
    "direct_answer": "बनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस केवल प्रशासनिक नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं रहा। युवा रोजगार, उच्च शिक्षा, भूमि अधिकार, एयर कनेक्टिविटी, वित्तीय अनुशासन, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि-पशुपालन और स्थानीय प्रशासन जैसे क्षेत्रों को एक साथ फैसलों में शामिल किया गया है। देहरादून/चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।…",
    "target_question": "उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक 4 अक्टूबर 2026 को कहां हुई?",
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        "बैठक: 4 अक्टूबर 2026.",
        "स्थान: एनएचपीसी, बनबसा, चंपावत.",
        "अध्यक्षता: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी.",
        "महत्वपूर्ण फैसले: 24.",
        "उच्च शिक्षा योजना: लगभग 1.19 लाख विद्यार्थी."
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    "published_at": "2026-10-04T18:08:00+05:30",
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    "category": "उत्तराखंड",
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            "question": "धामी कैबिनेट के फैसलों का बड़ा संदेश क्या है?",
            "answer": "बनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस केवल प्रशासनिक नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं रहा। युवा रोजगार, उच्च शिक्षा, भूमि अधिकार, एयर कनेक्टिविटी, वित्तीय अनुशासन, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि-पशुपालन और स्थानीय प्रशासन जैसे क्षेत्रों को एक साथ फैसलों में शामिल किया गया है।"
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        {
            "question": "उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक 4 अक्टूबर 2026 को कहां हुई?",
            "answer": "उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक 4 अक्टूबर 2026 को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई।"
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            "question": "धामी कैबिनेट ने 4 अक्टूबर 2026 को कितने फैसले लिए?",
            "answer": "कैबिनेट ने राज्यहित से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।"
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            "question": "मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना से कितने छात्रों को लाभ मिलेगा?",
            "answer": "योजना से राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने का अनुमान है।"
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            "question": "पंतनगर एयरपोर्ट के लिए कैबिनेट ने कितना पैसा मंजूर किया?",
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    "markdown_url": "https://prathampost.com/uttarakhand-cabinet-decisions-2026-dhami-24-decisions?format=md",
    "license": "Quotation permitted with attribution and link.",
    "content": "**देहरादून/चंपावत:** मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** की अध्यक्षता में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में [उत्तराखंड मंत्रिमंडल](https://prathampost.com/champawat-cabinet-meeting-banbasa-dhami-government-border-development) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। चंपावत में पहली बार हुई इस कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई।\n\nबैठक में सरकार ने एक साथ कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए। इनमें **उच्च शिक्षा और युवाओं की स्किलिंग, भूमिधरी अधिकार, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार, सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण, वन प्रशासन, राजकोषीय प्रबंधन, कुक्कुट पालन, निजी विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मानदेय** से जुड़े निर्णय प्रमुख हैं।\n\nइन फैसलों का असर सीधे तौर पर छात्रों, भूमिधरों, किसानों, सरकारी कर्मचारियों, कुक्कुट पालकों और राज्य की विकास परियोजनाओं पर पड़ सकता है।\n\n## 1. 1.19 लाख छात्रों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना\nकैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण फैसला उच्च शिक्षा से जुड़े युवाओं के लिए माना जा रहा है। सरकार ने **मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026** को मंजूरी दी है।\n\nइस योजना का लाभ राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग **1.19 लाख विद्यार्थियों** को मिलेगा।\n\nयोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की **रोजगार क्षमता और उद्यमिता** को बढ़ाना है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में लगभग **200 करोड़ रुपये** खर्च किए जाएंगे।\n\nयानी उत्तराखंड में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को पारंपरिक डिग्री के साथ रोजगारपरक और कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर रहेगा।\n\n## 2. पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार को गति\nउत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी और भविष्य की हवाई यातायात जरूरतों के लिहाज से भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।\n\n**पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण** के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को **66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि** जारी करने की मंजूरी दी गई है।\n\nयह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।\n\nपंतनगर एयरपोर्ट को लेकर यह निर्णय कुमाऊं में पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।\n\n## 3. वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन से जुड़े लोगों को राहत\nकैबिनेट ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है।\n\nइसके अलावा **नैनीताल जिले की नगर पंचायत लालकुआं** में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा **देहरादून के जौनसार-बावर परगना** में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।\n\nविनियमितीकरण के लिए वर्ष **2004 के सर्किल रेट** के आधार पर व्यवस्था को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाएगा। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।\n\nयह फैसला उन लोगों के लिए खास महत्व रखता है जो लंबे समय से ऐसी भूमि के अधिकार और विनियमितीकरण से जुड़े मामलों का सामना कर रहे हैं।\n\n## 4. संपत्ति की रजिस्ट्री में PAN Verification होगा\nअब संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में PAN की सत्यता जांचने की व्यवस्था लागू की जाएगी।\n\nस्टाम्प एवं निबंधन विभाग में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए **PAN के सत्यापन** की व्यवस्था को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।\n\nइसका उद्देश्य फर्जी या गलत PAN के इस्तेमाल को कम करना तथा आयकर विभाग को उपलब्ध कराए जाने वाले डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ाना है।\n\n## 5. उत्तराखंड में राजकोषीय घाटे और कर्ज की सीमा तय\nराज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।\n\n**उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026** को मंजूरी दी गई है।\n\nइसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा **GSDP के 3 प्रतिशत** और वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा **GSDP के 30 प्रतिशत** निर्धारित की गई है।\n\nहालांकि आपदा और सुरक्षा जैसी विशेष परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।\n\n## 6. वन विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था बदलेगी\nवन विभाग में विभागाध्यक्ष से जुड़ी व्यवस्था में भी संशोधन किया गया है।\n\nनिदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर **मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी** को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा।\n\nसरकार का उद्देश्य वनाग्नि, बाढ़, दैवीय आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने और कार्रवाई की गति बढ़ाना है।\n\n## 7. स्थानीय निकायों से जुड़ी रिपोर्ट विधानसभा में आएगी\n**छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखंड** द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में रखने को मंजूरी दी गई है।\n\nआयोग ने वर्ष **2026-27 से 2030-31** की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण के साथ वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अपनी संस्तुतियां दी हैं।\n\n## 8. समूह 'ग' की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव\nसमूह 'ग' के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से संबंधित नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।\n\n**जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी** के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा।\n\nवहीं **उप कारापाल** के पद के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार समाप्त किया जाएगा।\n\n## 9. सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़े नियम होंगे अपडेट\nउत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन किया जाएगा।\n\nचल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से जुड़े प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों तथा अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट और अपडेट किया जाएगा।\n\nनियम 15 में मौजूद हिंदी अनुवाद की त्रुटि को भी दूर किया जाएगा।\n\n## 10. सतर्कता अधिष्ठान का ढांचा मजबूत होगा\nकैबिनेट ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी है।\n\nइसमें कुछ पुराने पदों को समर्पित करते हुए मुख्य आरक्षी और अपर उपनिरीक्षक स्तर के नए पदों का सृजन किया जाएगा। इससे सतर्कता व्यवस्था को प्रशासनिक स्तर पर मजबूत करने का प्रयास किया गया है।\n\n## 11. सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण की आय का 92% हिस्सा संबंधित एजेंसी को\nनियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास एवं विनियम अधिनियम की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।\n\nइसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के **विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों** को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।\n\n## 12. 1873 के पुराने नहर कानून की जगह नया विधेयक\nउत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप सिंचाई और जल निकासी व्यवस्था को नया कानूनी आधार देने की दिशा में भी फैसला हुआ है।\n\nकैबिनेट ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक अथवा अपर्याप्त हो चुके **उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873** को निरस्त करने और उसकी जगह **उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026** को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है।\n\n## 13. कुक्कुट पालकों को DBT के जरिए सब्सिडी\nकुक्कुट आहार सब्सिडी योजना में भी बदलाव किया गया है।\n\nअब लाभार्थियों को सब्सिडी **आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते में DBT** के माध्यम से देने की व्यवस्था की जाएगी।\n\nइससे सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।\n\n## 14. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के लिए नया DG पद\nपशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए **महानिदेशक का नया पद** सृजित करने को मंजूरी दी गई है।\n\nसरकार का कहना है कि इससे योजनाओं की निगरानी, प्रशासनिक समन्वय और केंद्र तथा राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिसरण में मदद मिलेगी।\n\n## 15. निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानक बदले\nउत्तराखंड में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की नीति और मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।\n\nसंशोधित व्यवस्था में **पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र** की व्यवस्था की जाएगी।\n\nसाथ ही निजी विश्वविद्यालयों के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।\n\n## 16. नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय\nटिहरी गढ़वाल जिले की तहसील **नरेंद्रनगर** में उप निबंधक कार्यालय स्थापित करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।\n\nइसके क्षेत्राधिकार में तहसील नरेंद्रनगर के 98 और उप तहसील पावकी देवी के 35, यानी कुल **133 राजस्व ग्राम** शामिल होंगे।\n\nइससे स्थानीय लोगों को पंजीकरण से जुड़ी सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।\n\n## 17. मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारण\nराजकीय मेडिकल कॉलेजों में **सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर** की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई है।\n\nयह निर्णय सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ और प्रशिक्षित चिकित्सकीय मानव संसाधन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।\n\n## 18. वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा के लिए नई नियमावली\nचिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को व्यवस्थित करने के लिए **उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026** को मंजूरी दी गई।\n\n## धामी कैबिनेट के फैसलों का बड़ा संदेश क्या है?\nबनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस केवल प्रशासनिक नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं रहा। **युवा रोजगार, उच्च शिक्षा, भूमि अधिकार, एयर कनेक्टिविटी, वित्तीय अनुशासन, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि-पशुपालन और स्थानीय प्रशासन** जैसे क्षेत्रों को एक साथ फैसलों में शामिल किया गया है।\n\nखास तौर पर **1.19 लाख विद्यार्थियों के लिए 200 करोड़ रुपये की कौशल संवर्धन योजना**, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 66.2916 करोड़ रुपये और भूमि अधिकारों से जुड़े फैसले आम जनता की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल हैं।\n\nचंपावत के बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित करना भी प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राज्य गठन के करीब 26 साल बाद चंपावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि कैबिनेट बैठकों को केवल देहरादून तक सीमित न रखकर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित करने से स्थानीय समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को शासन के सामने सीधे रखने का अवसर मिलेगा।\n\n### उत्तराखंड कैबिनेट 2026: एक नजर में\n- **बैठक:** 4 अक्टूबर 2026\n\n- **स्थान:** एनएचपीसी, बनबसा, चंपावत\n\n- **अध्यक्षता:** मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी\n\n- **महत्वपूर्ण फैसले:** 24\n\n- **उच्च शिक्षा योजना:** लगभग 1.19 लाख विद्यार्थी\n\n- **स्किलिंग योजना का बजट:** लगभग ₹200 करोड़/5 वर्ष\n\n- **पंतनगर एयरपोर्ट:** ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि\n\n- **राजकोषीय घाटे की सीमा:** GSDP का 3%\n\n- **संचयी ऋण की अधिकतम सीमा:** GSDP का 30%\n\n- **स्थानीय स्तर का बड़ा फैसला:** नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय\n\n- **भूमि से जुड़े फैसले:** वर्ग-3, वर्ग-4 एवं भूमिधरी अधिकार\n\n- **निजी विश्वविद्यालय:** पर्वतीय/मैदानी क्षेत्रों के लिए नए निर्मित क्षेत्र मानक"
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