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    "url": "https://prathampost.com/faizullaganj-naimish-embankment-cm-yogi-lucknow-flood",
    "title": "गोमती के बढ़े जलस्तर के बीच सीएम योगी का बड़ा ऐलान, फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध",
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    "summary": "A news report on फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध, बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के दौरान सीएम योगी का बड़ा ऐलान. मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश का असर कुछ दिनों बाद गोमती के जलस्तर पर दिखाई दिया। लखनऊ: गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे लखनऊ और आसपास के इलाकों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। फैजुल्लागंज…",
    "direct_answer": "मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश का असर कुछ दिनों बाद गोमती के जलस्तर पर दिखाई दिया। लखनऊ: गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे लखनऊ और आसपास के इलाकों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। खास बात यह होगी कि तटबंध पर आवागमन के लिए रास्ता भी विकसित किया जाएगा, यानी यह सिर्फ बाढ़ से सुरक्षा ही नहीं देगा, बल्कि…",
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    "published_at": "2026-10-06T00:44:00+05:30",
    "updated_at": "2026-10-06T03:24:19+05:30",
    "freshness_note": "First published 6 October 2026.",
    "category": "उत्तर प्रदेश",
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    "faq": [
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            "answer": "मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश का असर कुछ दिनों बाद गोमती के जलस्तर पर दिखाई दिया।"
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    "content": "**लखनऊ:** गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे लखनऊ और आसपास के इलाकों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। **फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा।** खास बात यह होगी कि तटबंध पर आवागमन के लिए रास्ता भी विकसित किया जाएगा, यानी यह सिर्फ बाढ़ से सुरक्षा ही नहीं देगा, बल्कि आने-जाने की सुविधा भी बढ़ाएगा।\n\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री वितरित की और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने **फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वे** कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति भी देखी।\n\n## बाढ़ से बचाव के साथ रास्ते का भी होगा इस्तेमाल\nमुख्यमंत्री के अनुसार प्रस्तावित तटबंध को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके लिए धनराशि जारी कर मानसून समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।\n\nतटबंध को इस तरह विकसित करने की योजना है कि भविष्य में गोमती का जलस्तर बढ़ने पर आसपास की आबादी को बाढ़ से सुरक्षा मिल सके। इसके साथ ही तटबंध पर रास्ता होने से क्षेत्र में आवागमन भी आसान होगा।\n\nसिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती के किनारे सर्वे कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।\n\n[अयोध्या में 10वां दीपोत्सव: 33 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी, 34 हजार वालंटियर संभालेंगे जिम्मेदारी](https://prathampost.com/ayodhya-deepotsav-2026-33-lakh-diyas) \n\n## जलभराव रोकने के लिए लगेंगे पंपिंग सेट\nबाढ़ से निपटने की योजना सिर्फ तटबंध बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए **पंपिंग सेट लगाने** की व्यवस्था भी की जाएगी।\n\nनदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आबादी वाले क्षेत्रों में जमा पानी को पंपिंग सेट के जरिए नदी की ओर निकालने की व्यवस्था की जाएगी। इससे बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर दोनों के कारण होने वाले जलभराव से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।\n\n## आखिर गोमती का जलस्तर क्यों बढ़ा?\nमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश का असर कुछ दिनों बाद गोमती के जलस्तर पर दिखाई दिया।\n\nपीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल क्षेत्र में हुई बारिश का पानी करीब पांच से छह दिन बाद नीचे की ओर पहुंचा। इसके चलते गोमती का जलस्तर बढ़ा और **बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर तथा फैजुल्लागंज से नैमिष तक के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात** बने।\n\nमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है।\n\n## बाढ़ पीड़ित परिवारों को 26 जरूरी सामान\nप्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राहत पैकेट में **26 जरूरी वस्तुएं** शामिल की गई हैं।\n\nइनमें चावल, आटा, आलू, अरहर दाल, तेल, नमक, मसाले, तिरपाल, बाल्टी, लाई-भुजा, मोमबत्ती, माचिस और बरसाती समेत रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल है।\n\nएक राहत पैकेट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल और एक लीटर तेल समेत अन्य सामग्री दी जा रही है।\n\n## राहत शिविरों में मिलेगा गर्म खाना और बच्चों के लिए दूध\nमुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से खुले में रहने के बजाय प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत शिविरों में जाने की अपील की। इन शिविरों को स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाया जा रहा है।\n\nराहत शिविरों में **दोनों समय गर्म भोजन** उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार की व्यवस्था की जाएगी।\n\nपशुओं के लिए सूखा भूसा और चोकर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।\n\n## जनहानि पर मिलेगा 4 लाख रुपये का मुआवजा\nमुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान होने वाली जनहानि के मामलों में तत्काल आर्थिक सहायता देने की बात कही। **बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता** दी जाएगी।\n\nबारिश या बाढ़ में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।\n\nइसके अलावा पशुहानि की भरपाई और फसलों के नुकसान का सर्वे कर किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की व्यवस्था की जाएगी।\n\n## बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नजर\nबाढ़ के दौरान सांप और दूसरे जहरीले जीवों का खतरा बढ़ने को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर **एंटी स्नेक वेनम** उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।\n\nकुत्ते या अन्य जानवर के काटने की स्थिति में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे।\n\nराहत शिविरों में बिजली की समस्या होने पर पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था की जाएगी।\n\n## राहत शिविरों में पहुंचे परिवारों के घरों की भी होगी सुरक्षा\nबाढ़ के कारण जिन परिवारों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ेगा, उनके घरों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए भी इंतजाम किए जाएंगे।\n\nगांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिसकर्मी रात के समय प्रभावित गांवों में गश्त करेंगे, ताकि खाली पड़े घरों में चोरी या अन्य घटनाओं को रोका जा सके।\n\n## राजनाथ सिंह ने भी फोन पर ली बाढ़ की जानकारी\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि रक्षा मंत्री **राजनाथ सिंह** ने सोमवार सुबह फोन कर लखनऊ और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली।\n\nमुख्यमंत्री के मुताबिक, फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रस्तावित तटबंध से भविष्य में क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि तटबंध को मंजूरी दी जा चुकी है और निर्माण के लिए धनराशि जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।\n\n## तटबंध से बदल सकती है इलाके की तस्वीर\nफैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रस्तावित तटबंध को केवल बाढ़ नियंत्रण परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके साथ रास्ता विकसित किए जाने की योजना इसे **बाढ़ सुरक्षा और क्षेत्रीय आवागमन—दोनों के लिए उपयोगी आधारभूत ढांचे** में बदल सकती है।\n\nफिलहाल गोमती के बढ़े जलस्तर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। सरकार का तत्काल फोकस प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नुकसान का आकलन करने पर है। वहीं, लंबे समय के समाधान के तौर पर तटबंध निर्माण की योजना पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।\n\n[30 साल का इंतजार खत्म: गंगा पर बनेगा 1.32 किमी लंबा पुल, भदोही-प्रयागराज के बीच सीधा होगा रास्ता](https://prathampost.com/bhadohi-prayagraj-ganga-bridge-sitamadhi-dengurpur-yogi) "
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