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    "url": "https://prathampost.com/divya-mittal-politics-entry-uttar-pradesh",
    "title": "पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान, राजनीति में उतरेंगी, बोलीं- किसी पार्टी के साथ नहीं",
    "type": "news",
    "summary": "A news report on पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान, राजनीति में उतरेंगी, बोलीं- किसी पार्टी के साथ नहीं. करीब 10 मिनट के वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने कहा कि IAS की नौकरी छोड़ने के बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आगे क्या किया जाए। उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि उनकी अगली यात्रा राजनीति के रास्ते पर होगी। दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि वह यहीं से…",
    "direct_answer": "दिव्या मित्तल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी हैं। उन्होंने करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में काम किया और उत्तर प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।",
    "target_question": "दिव्या मित्तल कौन हैं?",
    "key_takeaways": [
        "दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश के जरिए राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की।",
        "फिलहाल उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने जनता के साथ मिलकर स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करने की बात कही है।",
        "दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।"
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    "author": {
        "name": "Alka Tiwari",
        "job_title": "Editor in chief",
        "url": "https://prathampost.com/author/alka-tiwari"
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    "published_at": "2026-09-29T13:39:00+05:30",
    "updated_at": "2026-09-30T02:35:16+05:30",
    "freshness_note": "First published 29 September 2026.",
    "category": "राजनीति",
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        "Divya Mittal",
        "IAS",
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    "content": "**लखनऊ:** उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व [IAS अधिकारी दिव्या मित्तल](https://prathampost.com/ias-divya-mittal-biography) ने अपने अगले कदम को लेकर चल रहे सस्पेंस को खत्म कर दिया है। 29 सितंबर को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया। दिव्या मित्तल ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू होगी, लेकिन वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनेंगी।\n\nकरीब 10 मिनट के वीडियो संदेश में उन्होंने प्रशासनिक सेवा के अपने अनुभवों और आम लोगों की समस्याओं का जिक्र किया। शिक्षा, परीक्षा में अनियमितता, रोजगार, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जवाबदेही जैसे मुद्दे उनके संदेश के केंद्र में रहे।\n\nपूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर 2026 को राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू होगी और फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने जनता के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करने की बात कही है।\n\n## 'आगे क्या? राजनीति'—दिव्या मित्तल ने खत्म किया सस्पेंस\nIAS से इस्तीफे के बाद से ही दिव्या मित्तल के अगले कदम को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। सोशल मीडिया पर उन्होंने पहले संकेत दिया था कि 29 सितंबर को वह अपनी भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी देंगी।\n\nइसके बाद उनके राजनीति में आने की संभावना को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि मंगलवार को जारी वीडियो में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह राजनीति में कदम रखने जा रही हैं।\n\nअपने संदेश में उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जिनकी शिकायतें व्यवस्था तक पहुंच नहीं पातीं या पहुंचने के बावजूद उनका समाधान नहीं हो पाता।\n\nदिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार सरकार की योजनाओं के लिए पैसा, नियम और मंजूरी मौजूद होती है, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर काम नहीं हो पाता। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में सवाल केवल संसाधनों का नहीं बल्कि व्यवस्था और जवाबदेही का भी है।\n\n## किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी दिव्या मित्तल\nदिव्या मित्तल के ऐलान का सबसे अहम हिस्सा यह है कि उन्होंने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की बात नहीं कही है।\n\nउन्होंने संकेत दिया कि वह किसी स्थापित पार्टी के झंडे के नीचे अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने के बजाय सीधे जनता के बीच जाकर अपना मंच तैयार करना चाहती हैं।\n\nउनके संदेश में जाति, धर्म, पैसा और बाहुबल जैसी पारंपरिक राजनीतिक धारणाओं से अलग व्यवस्था बनाने की बात भी सामने आई है।\n\nहालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनका प्रस्तावित राजनीतिक मंच किस औपचारिक स्वरूप में सामने आएगा। वह राजनीतिक दल बनाएंगी या जन-अभियान के रूप में शुरुआत करेंगी, इस बारे में भी फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।\n\n## प्रशासनिक अनुभव को राजनीति से जोड़ने की कोशिश\nदिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में प्रशासनिक सेवा के दौरान सामने आए कई मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने ऐसे स्कूल का उदाहरण दिया जिसे मंजूरी और संसाधन मिलने के बावजूद लंबे समय तक बनाया नहीं जा सका।\n\nउन्होंने जमीन से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें पात्र व्यक्ति को जमीन का कब्जा नहीं मिल पाने की बात कही गई।\n\nइसके अलावा उन्होंने खराब सड़कों, अधूरे विकास कार्यों और सरकारी व्यवस्था में होने वाली देरी जैसे मुद्दों को भी उठाया।\n\nउनका कहना है कि यदि किसी विकास कार्य के लिए पैसा, नियम और प्रशासनिक मंजूरी मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं हो रहा है तो समस्या केवल फंड या संसाधनों की नहीं है। व्यवस्था में मौजूद खामियों और जवाबदेही की कमी पर भी सवाल उठना चाहिए।\n\n## युवाओं और रोजगार को लेकर भी उठाए सवाल\nदिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।\n\nउन्होंने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों पर चिंता जताई। उनका कहना है कि देश के लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा के जरिए अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन व्यवस्था में आने वाली अनिश्चितताओं का सीधा असर उनके करियर पर पड़ता है।\n\nउन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के दौर में बदलती नौकरियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों की ओर भी ध्यान खींचा।\n\nइससे संकेत मिलता है कि युवा, शिक्षा और रोजगार उनके प्रस्तावित राजनीतिक अभियान के महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी उन्होंने कोई विस्तृत राजनीतिक घोषणापत्र या नीति दस्तावेज जारी नहीं किया है।\n\n## 'मुझे अपने देश की आजादी के 80 साल का हिसाब चाहिए'\nदिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में देश की आजादी के 80 वर्षों के बाद विकास और व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।\n\nउन्होंने स्कूल, सड़क, जमीन, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों को सामने रखते हुए व्यवस्था से जवाबदेही की मांग करने की बात कही।\n\nउनके संदेश का एक प्रमुख हिस्सा यह रहा कि आम लोगों की समस्याओं को केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक समाधान जमीन पर दिखाई देना चाहिए।\n\nहालांकि उनके वीडियो में बताए गए व्यक्तिगत प्रशासनिक अनुभवों और उदाहरणों को उनके स्वयं के अनुभव और दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। \n\n> 🔲 Facebook post will appear here — https://www.facebook.com/share/v/19mnZYPRJD/"
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