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    "url": "https://prathampost.com/bhadohi-prayagraj-ganga-bridge-sitamadhi-dengurpur-yogi",
    "title": "30 साल का इंतजार खत्म: गंगा पर बनेगा 1.32 किमी लंबा पुल, भदोही-प्रयागराज के बीच सीधा होगा रास्ता",
    "type": "news",
    "summary": "A news report on 30 साल का इंतजार खत्म: गंगा पर बनेगा 1.32 किमी लंबा पुल, भदोही-प्रयागराज के बीच सीधा होगा रास्ता. भदोही: तकरीबन तीन दशक से एक पुल की मांग कर रहे संत रविदास नगर (भदोही) के लोगों की मांग आखिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुन ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किलोमीटर लंबे पक्के सेतु का शिलान्यास किया। ₹300 करोड़ से अधिक की लागत…",
    "direct_answer": "भदोही: तकरीबन तीन दशक से एक पुल की मांग कर रहे संत रविदास नगर (भदोही) के लोगों की मांग आखिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुन ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किलोमीटर लंबे पक्के सेतु का शिलान्यास किया। ₹300 करोड़ से अधिक की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद भदोही और प्रयागराज के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा। यह पुल सिर्फ दो क्षेत्रों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि इसके बनने से भदोही, प्रयागराज…",
    "target_question": "क्यों खास है यह पुल?",
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        "करीब 30 साल पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।.",
        "पुल की लंबाई 1.32 किलोमीटर होगी।.",
        "परियोजना की लागत ₹300 करोड़ से अधिक है।.",
        "भदोही और प्रयागराज के बीच सीधा सड़क संपर्क बनेगा।.",
        "कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को फायदा होगा।."
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    "author": {
        "name": "Alka Tiwari",
        "job_title": "Editor in chief",
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    "published_at": "2026-10-04T19:51:00+05:30",
    "updated_at": "2026-10-05T03:51:46+05:30",
    "freshness_note": "First published 4 October 2026.",
    "category": "उत्तर प्रदेश",
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    "faq": [
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    "content": "**भदोही:** तकरीबन तीन दशक से एक पुल की मांग कर रहे संत रविदास नगर (भदोही) के लोगों की मांग आखिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुन ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को **सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किलोमीटर लंबे पक्के सेतु का शिलान्यास** किया। ₹300 करोड़ से अधिक की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद भदोही और प्रयागराज के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा।\n\nयह पुल सिर्फ दो क्षेत्रों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि इसके बनने से **भदोही, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर** के बीच आवागमन को भी गति मिलने की उम्मीद है। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी सफर आसान होगा।\n\n## तीन दशक पुरानी मांग हुई पूरी\nकोनिया क्षेत्र के लोग लंबे समय से गंगा पर पक्के पुल की मांग कर रहे थे। फिलहाल धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर गंगा पार करने के लिए लोगों को **पीपा पुल या नाव** पर निर्भर रहना पड़ता है।\n\nबरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पीपा पुल हटा दिया जाता है। ऐसे में नदी पार करने के लिए नाव ही विकल्प रह जाती है और स्थानीय लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। अब पक्के पुल के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।\n\n## सवा लाख से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा\nपुल बनने के बाद कोनिया और मांडा क्षेत्र की **सवा लाख से अधिक आबादी** को सालभर गंगा पार करने की सुविधा मिल सकेगी।\n\nइसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। पढ़ाई, इलाज, रोजगार, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में समय और परेशानी दोनों कम हो सकते हैं।\n\nखासकर बरसात के दौरान जब नदी पार करना चुनौती बन जाता है, उस समय यह पुल स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा।\n\n## पांच जिलों के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर\nसीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर बनने वाला पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।\n\nपुल तैयार होने के बाद **भदोही से प्रयागराज के मांडा क्षेत्र तक सीधा सड़क संपर्क** बनेगा। इसके साथ ही आसपास के जिलों से आने-जाने वाले लोगों को भी वैकल्पिक और आसान मार्ग मिलने की उम्मीद है।\n\nभदोही के साथ प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर को इसका लाभ मिलने की बात कही गई है। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों और कारोबारियों के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।\n\n## सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत\nसीतामढ़ी स्थित **सीता समाहित स्थल** धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी नया पुल आवागमन आसान करेगा।\n\nप्रयागराज की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को सीतामढ़ी तक पहुंचने के लिए बेहतर सीधा मार्ग मिल सकेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ आसपास के स्थानीय बाजार और छोटे कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।\n\n## भदोही के कालीन कारोबार को मिलेगा नया रास्ता\nभदोही दुनिया के प्रमुख कालीन उत्पादन और निर्यात केंद्रों में शामिल है। ऐसे में प्रयागराज की ओर बेहतर सड़क संपर्क यहां के **कालीन कारोबार और माल ढुलाई** के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।\n\nस्थानीय कारोबारियों का मानना है कि पुल बनने के बाद प्रयागराज की ओर आवागमन आसान होगा और कारोबार के लिए नए बाजारों तक पहुंच बेहतर हो सकेगी।\n\nअंजनी कारपेट, खमरिया के पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा कि इस पुल का क्षेत्र के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब निर्माण की शुरुआत होने से लोगों में खुशी है।\n\nत्रिवेणी रग इंडस्ट्रीज, छतमी गोपीगंज के शाश्वत पांडेय के मुताबिक बेहतर सड़क संपर्क से कालीन कारोबार को फायदा मिल सकता है और प्रयागराज की ओर व्यापारिक आवाजाही आसान होगी।\n\nकालीन निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासनिक समिति के पूर्व सदस्य राजेंद्र कुमार मिश्र ने भी इसे भदोही के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।\n\n[यूपी में दिव्यांगजनों की पेंशन फिर बढ़ाएगी योगी सरकार, सभी 18 मंडलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र](https://prathampost.com/up-divyangjan-pension-hike-yogi-adityanath-rehabilitation-centres) [यूपी में दिव्यांगजनों की पेंशन फिर बढ़ाएगी योगी सरकार, सभी 18 मंडलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र](https://prathampost.com/up-divyangjan-pension-hike-yogi-adityanath-rehabilitation-centres) \n\n## बरसात में नाव और पीपा पुल की मजबूरी होगी खत्म\nइस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा उन ग्रामीणों को मिलेगा जो रोजाना गंगा पार करने के लिए अस्थायी साधनों पर निर्भर हैं।\n\nपक्का पुल बनने के बाद मौसम के कारण आवागमन बाधित होने की समस्या कम होगी। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, कारोबारियों और स्थानीय परिवारों को पूरे साल बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।\n\nस्थानीय समाजसेवी सरिता गुप्ता ने कहा कि बरसात के दिनों में गंगा पार करना बड़ी समस्या बन जाता है। पक्का पुल बनने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के जरूरी काम आसान होंगे।\n\n## पुल के साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी होंगे\nपरियोजना के तहत केवल गंगा पर पुल का निर्माण ही नहीं किया जाएगा। इसके साथ **पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य** भी कराए जाएंगे, ताकि पुल को आसपास की सड़क व्यवस्था से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सके।\n\n### क्यों खास है यह पुल?\n- करीब **30 साल पुरानी मांग** पूरी होने जा रही है।\n\n- पुल की लंबाई **1.32 किलोमीटर** होगी।\n\n- परियोजना की लागत **₹300 करोड़ से अधिक** है।\n\n- भदोही और प्रयागराज के बीच सीधा सड़क संपर्क बनेगा।\n\n- कोनिया और मांडा क्षेत्र की **सवा लाख से अधिक आबादी** को फायदा होगा।\n\n- बरसात में पीपा पुल और नाव पर निर्भरता कम होगी।\n\n- सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।\n\n- भदोही के कालीन कारोबार को प्रयागराज की ओर बेहतर संपर्क मिलेगा।\n\n- मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों को भी सुविधा होगी।"
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