# दुश्मनों का काल बनेगी A - 203 राइफल, यूपी के अमेठी में हो रहा निर्माण

> Author: Alka Tiwari | Published: 2026-08-24 | Updated: 2026-08-24 | Source: https://prathampost.com/ak-203-sher-assault-rifle-started-being-made-in-up-it-s-creating-a-buzz-worldwide-will-be-linked-with-amethi-district-s-identity

**Summary:** A news report on दुश्मनों का काल बनेगी A - 203 राइफल, यूपी के अमेठी में हो रहा निर्माण. AK-203 पहले से ही भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का एक अहम प्रोजेक्ट है। अमेठी में इसका निर्माण करने के लिए भारत और रूस की साझेदारी में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) बनाई गई थी। सरकार के मुताबिक, कंपनी को अमेठी के कोरवा में AK-203 के उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश का अमेठी जिला अब…

**AK-203 ‘शेर’ को लेकर इतनी चर्चा क्यों?**

AK-203 पहले से ही भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का एक अहम प्रोजेक्ट है। अमेठी में इसका निर्माण करने के लिए भारत और रूस की साझेदारी में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) बनाई गई थी। सरकार के मुताबिक, कंपनी को अमेठी के कोरवा में AK-203 के उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश का अमेठी जिला अब भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा नाम बनने जा रहा है। यहां अब जल्द ही AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जाएगा। शुरुआती फायरिंग टेस्ट के नतीजे…

## Key takeaways
- भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा स्थित इंडो-रशियन…
- AK-203 पहले से ही भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का एक अहम प्रोजेक्ट है। अमेठी में इसका निर्माण करने के लिए…
- AK-203, कलाश्निकोव प्लेटफॉर्म पर आधारित 7.62x39mm असॉल्ट राइफल है। इसमें आधुनिक एक्सेसरी रेल और अपडेटेड…
- AK-203 प्रोजेक्ट का पैमाना भी काफी बड़ा है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दिसंबर 2021 में भारत सरकार और IRRPL के…
- IRRPL अब उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक, जल्द ही हर 100 सेकंड में एक…

उत्तर प्रदेश का अमेठी जिला अब भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा नाम बनने जा रहा है। यहां अब जल्द ही **AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल **का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जाएगा। शुरुआती फायरिंग टेस्ट के नतीजे शानदार रहे हैं। 

## अमेठी जिले की पहचान से जुड़ेगा नया नाम
भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर सामने
आई है। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा स्थित इंडो-रशियन
राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड ([IRRPL](https://irrpl.co.in/)) की फैक्ट्री
में पहली पूरी तरह स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट
राइफल तैयार कर ली गई है।  

इस राइफल का फायरिंग टेस्ट किया गया है। शुरुआती टेस्ट में इस राइफल के नतीजे उत्साहवर्धक रहे हैं।  खास
बात यह है कि इस राइफल के हर कंपोनेंट और इनपुट मटीरियल को भारतीय उद्योग से लिया
गया है। 

अब इस राइफल के प्रोटोटाइप भारतीय सेना के
परीक्षण के लिए तैयार किए जा रहे हैं। मौजूदा जानकारी के मुताबिक, सितंबर
2026 में सेना के ट्रायल के लिए
स्वदेशी AK-203 के प्रोटोटाइप सौंपे जाने की तैयारी है।

हरी झंडी मिलते ही इस राइफल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो जाएगा। 

## AK-203 ‘शेर’ को लेकर इतनी चर्चा क्यों?
AK-203 पहले से ही भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का एक
अहम प्रोजेक्ट है। अमेठी में इसका निर्माण करने के लिए भारत और रूस की साझेदारी
में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) बनाई गई थी। सरकार के मुताबिक, कंपनी
को अमेठी के कोरवा में AK-203 के उत्पादन की
जिम्मेदारी दी गई है।

लेकिन अब जो उपलब्धि सामने आई है, वह
सामान्य उत्पादन से अलग है। पहली बार तैयार की गई इस राइफल में 100 फीसदी
भारतीय कंपोनेंट और कच्चे माल का इस्तेमाल
किया गया है। यानी यह सिर्फ कुछ पुर्जों को भारत में बनाने की बात नहीं है,
बल्कि पूरी उत्पादन श्रृंखला में भारतीय उद्योग की भागीदारी का दावा
किया गया है।

[https://twitter.com/Defencecore/status/2090481655958192236](https://twitter.com/Defencecore/status/2090481655958192236)

## अमेठी में तैयार ‘शेर’ की खासियत क्या है?
AK-203, कलाश्निकोव प्लेटफॉर्म पर आधारित 7.62x39mm
असॉल्ट राइफल है। इसमें आधुनिक एक्सेसरी रेल और अपडेटेड एर्गोनॉमिक्स
जैसी खूबियां दी गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार इसकी फायरिंग क्षमता करीब 700
राउंड प्रति मिनट और प्रभावी रेंज करीब 800 मीटर
बताई जाती है।

भारतीय सेना में इसे पुरानी INSAS राइफलों
के स्थान पर शामिल किए जाने की योजना है। ऐसे में बड़े पैमाने
पर इसका स्वदेशी उत्पादन सेना के छोटे हथियारों के आधुनिकीकरण से भी जुड़ा हुआ है।

## 6 लाख से ज्यादा राइफलों का बड़ा ऑर्डर
AK-203 प्रोजेक्ट का पैमाना भी काफी बड़ा है। रक्षा
मंत्रालय के मुताबिक, दिसंबर 2021 में
भारत सरकार और IRRPL के बीच 6,01,427 AK-203 असॉल्ट
राइफलों की खरीद का अनुबंध हुआ था। इन राइफलों का उत्पादन
अमेठी के कोरवां में किया जाना है।

यही वजह है कि अमेठी की फैक्ट्री में स्वदेशीकरण
बढ़ने का असर आने वाले समय में बड़े पैमाने के उत्पादन पर भी पड़ सकता है।

## अब हर 100 सेकंड
में एक AK-203 बनाने का लक्ष्य
IRRPL अब उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में भी काम
कर रही है। कंपनी के मुताबिक, जल्द ही हर 100
सेकंड में एक AK-203 ‘शेर’ राइफल बनाने
की क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। कंपनी ने उत्पादन प्रक्रिया में सुधार और
स्वदेशी कंपोनेंट के इस्तेमाल को बढ़ाने के साथ सेना को करीब 6 लाख
राइफलों की डिलीवरी तय समय से लगभग एक साल पहले पूरी करने की बात भी कही है।

![AK 203 ](https://prathampost.com/uploads/2026/08/ak-203-0229c2.webp)
## सितंबर में होगा सैन्य परीक्षण
अभी सबसे महत्वपूर्ण अगला चरण भारतीय सेना का
ट्रायल है। अमेठी में तैयार पहली स्वदेशी AK-203 का
शुरुआती फायरिंग टेस्ट पूरा हो चुका है, लेकिन सेना में
बड़े पैमाने पर शामिल किए जाने से पहले इसके प्रोटोटाइप का सैन्य परीक्षण होना
बाकी है।

सितंबर 2026 में
होने वाले इन ट्रायल के दौरान राइफल के प्रदर्शन को सेना की तय आवश्यकताओं के
अनुसार परखा जाएगा। इसके बाद ही इसके आगे के उत्पादन और व्यापक इस्तेमाल को लेकर
तस्वीर और साफ होगी।

## भारत के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि?
AK-203 ‘शेर’ की कहानी सिर्फ एक नई राइफल के निर्माण तक
सीमित नहीं है। इसका सबसे बड़ा पहलू यह है कि भारत अब इस हथियार के उत्पादन में
विदेशी कंपोनेंट पर निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

2018 में भारत और रूस के बीच AK-203 के
भारत में निर्माण को लेकर समझौता हुआ था और 2019 में IRRPL
का गठन किया गया। इसके बाद अमेठी में उत्पादन की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अब 100 फीसदी भारतीय कंपोनेंट वाली राइफल का सफल परीक्षण
इस परियोजना के स्वदेशीकरण के अगले चरण को दिखाता है।

फिलहाल देखा जाए तो अमेठी की फैक्ट्री में
अब AK-203 सिर्फ ‘भारत में बन’ नहीं रही, बल्कि
उसके निर्माण में भारतीय उद्योग की हिस्सेदारी भी पूरी तरह बढ़ाने की कोशिश हो रही
है। अब सितंबर में भारतीय सेना के ट्रायल पर नजर रहेगी।
अगर राइफल इन परीक्षणों में भी खरी उतरती है, तो
अमेठी से बड़ी संख्या में स्वदेशी AK-203 की सप्लाई का
रास्ता और मजबूत हो सकता है।

### FAQ: AK-203 ‘शेर’ से जुड़े सवाल
AK-203 ‘शेर’ कहां बनाई गई है?

AK-203 ‘शेर’ का स्वदेशी प्रोटोटाइप उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा प्लांट में तैयार किया गया है।क्या AK-203 ‘शेर’
पूरी तरह स्वदेशी है?

पहली पूरी तरह स्वदेशी राइफल के बारे में IRRPL ने कहा है कि इसमें सभी कंपोनेंट और इनपुट मटीरियल भारतीय उद्योग से लिए गए हैं।AK-203 का सेना में क्या इस्तेमाल होगा?

इसे भारतीय सेना की पुरानी INSAS राइफलों के स्थान पर शामिल करने की योजना है।भारतीय सेना को AK-203 कब
मिलेगी?

पहले स्वदेशी प्रोटोटाइप के सेना ट्रायल के लिए सितंबर 2026 का लक्ष्य बताया गया है। व्यापक डिलीवरी का समय ट्रायल और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर
करेगा।





































































भारत ने कितनी AK-203 राइफलों
का ऑर्डर दिया है?

दिसंबर 2021 में 6,01,427 AK-203 राइफलों की खरीद का अनुबंध किया गया था।
##

## Key facts
| Claim | Value | As of | Source |
| --- | --- | --- | --- |
| उत्तर प्रदेश का अमेठी जिला अब भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा नाम बनने जा रहा है। यहां अब जल्द ही AK-203… | 203 | 2026-08 |  |
| AK-203 ‘शेर’ को लेकर इतनी चर्चा क्यों? | 203 | 2026-08 |  |
| AK-203 पहले से ही भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का एक अहम प्रोजेक्ट है। अमेठी में इसका निर्माण करने के लिए… | 203 | 2026-08 |  |
| AK-203, कलाश्निकोव प्लेटफॉर्म पर आधारित 7.62x39mm असॉल्ट राइफल है। इसमें आधुनिक एक्सेसरी रेल और अपडेटेड… | 203 | 2026-08 |  |
| AK-203 प्रोजेक्ट का पैमाना भी काफी बड़ा है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दिसंबर 2021 में भारत सरकार और IRRPL के… | 203 | 2026-08 |  |

## FAQ
### AK-203 ‘शेर’ को लेकर इतनी चर्चा क्यों?
AK-203 पहले से ही भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का एक अहम प्रोजेक्ट है। अमेठी में इसका निर्माण करने के लिए भारत और रूस की साझेदारी में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) बनाई गई थी। सरकार के मुताबिक, कंपनी को अमेठी के कोरवा में AK-203 के उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई है।

### अमेठी में तैयार ‘शेर’ की खासियत क्या है?
AK-203, कलाश्निकोव प्लेटफॉर्म पर आधारित 7.62x39mm असॉल्ट राइफल है। इसमें आधुनिक एक्सेसरी रेल और अपडेटेड एर्गोनॉमिक्स जैसी खूबियां दी गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार इसकी फायरिंग क्षमता करीब 700 राउंड प्रति मिनट और प्रभावी रेंज करीब 800 मीटर बताई जाती है।

## Sources
- [IRRPL](https://irrpl.co.in/) — irrpl.co.in
- [https://twitter.com/Defencecore/status/2090481655958192236](https://twitter.com/Defencecore/status/2090481655958192236) — twitter.com

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Cite as: Alka Tiwari. "दुश्मनों का काल बनेगी A - 203 राइफल, यूपी के अमेठी में हो रहा निर्माण". Pratham Post. https://prathampost.com/ak-203-sher-assault-rifle-started-being-made-in-up-it-s-creating-a-buzz-worldwide-will-be-linked-with-amethi-district-s-identity